आगामी बजट सत्र से लोकसभा सदस्यों को लॉबी में उपस्थिति दर्ज करने की बजाय अपनी आवंटित सीट पर ही अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी.
Attendance in Parliament: आगामी बजट सत्र से लोकसभा अपने सदस्यों के लिए एक नई उपस्थिति प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसके तहत सदस्यों को लॉबी में उपस्थिति दर्ज करने की बजाय अपनी आवंटित सीट पर ही अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी. लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अब उपस्थिति तभी दर्ज की जाएगी जब सदस्य सदन के अंदर बैठे होंगे. नई प्रणाली से समय की बचत होगी, क्योंकि कई बार सांसदों की भीड़ डिजिटल उपकरणों पर उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लॉबी में कतार में खड़ी हो जाती है. बिरला ने कहा कि ऐसे भी उदाहरण सामने आए हैं जब कुछ सांसद अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सदन की कार्यवाही में भाग लिए बिना ही चले जाते हैं. संसद को कागज रहित बनाने के प्रयासों के तहत लोकसभा ने सदस्यों को लॉबी में रखे इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट पर डिजिटल पेन का उपयोग करके सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का विकल्प दिया था.
दैनिक भत्तों के लिए अनिवार्य
बिरला ने कहा कि बजट सत्र से सभी सांसद अब अपनी सीटों पर लगे मल्टीमीडिया उपकरण का उपयोग करके अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, या तो अपने स्मार्ट आईडी कार्ड को टैप करके, अपने अंगूठे के निशान को स्कैन करके या अपना व्यक्तिगत पहचान नंबर दर्ज करके. यह ध्यान देने योग्य है कि मंत्रियों और विपक्ष के नेता को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं है. संसद सत्रों के दौरान दैनिक भत्ता प्राप्त करने के लिए सदस्यों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराना आवश्यक है. सत्रों के दौरान सदन में सांसद की उपस्थिति की आवृत्ति भी कई बार सार्वजनिक बहस का विषय बन जाती है. संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा. अध्यक्ष ने सांसदों से अपील की कि वे किसी भी विधेयक का विरोध या आपत्ति सदन में भाषणों के माध्यम से व्यक्त करें, न कि केवल तख्तियां लहराकर या नारे लगाकर.
केवल 30 मिनट में पोर्टल पर अपलोड हो जाएगी कार्यवाही
बिरला ने कहा कि यदि सदस्य अपनी-अपनी पार्टी की विचारधाराओं के अनुसार किसी भी मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करना चाहते हैं तो वे सदन में बोलकर ऐसा कर सकते हैं. अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा सचिवालय विधायी कार्यवाही के वास्तविक समय अनुवाद के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का प्रयोग कर रहा है, जब तक कि 100 प्रतिशत सटीकता प्राप्त नहीं हो जाती. बिरला ने कहा कि सदन की कार्यवाही को लिखने में एआई उपकरण का उपयोग करके 80 प्रतिशत सटीकता प्राप्त की जा चुकी है. एआई आशुलिपि उपकरण के माध्यम से विधायी कार्य के 80 प्रतिशत सफल अनुवाद के बाद सामग्री को संसद सदस्य पोर्टल पर अपलोड करने से पहले मैन्युअल रूप से पुनः सत्यापित किया जाता है. अध्यक्ष ने कहा कि एआई की प्रगति की गति को देखते हुए यह अनुमान है कि अप्रैल तक या मानसून सत्र के दौरान सदन की सभी विधायी कार्यवाही केवल 30 मिनट में पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
