Home राज्यKerala केरल के दुग्ध उत्पादकों को मिला कांग्रेस का साथ, चारे पर सब्सिडी को लेकर केरल सरकार को घेरा

केरल के दुग्ध उत्पादकों को मिला कांग्रेस का साथ, चारे पर सब्सिडी को लेकर केरल सरकार को घेरा

by Sanjay Kumar Srivastava
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केरल के दुग्ध उत्पादकों को मिला कांग्रेस का साथ, चारे पर सब्सिडी को लेकर प्रियंका गांधी ने केरल सरकार को घेरा

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल सरकार से चारे पर सब्सिडी की अधिकतम सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है. उन्होंने पशुपालन और दुग्ध विकास मंत्री जे चिंचू रानी को पत्र लिखा है.

Priyanka Gandhi: केरल के दुग्ध उत्पादकों को कांग्रेस का साथ मिल गया है. दुग्ध उत्पादकों की लड़ाई अब कांग्रेस लड़ेगी. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल सरकार से चारे पर सब्सिडी की अधिकतम सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है. उनका दावा है कि मौजूदा दर अत्यंत अपर्याप्त है. वायनाड की कांग्रेस सांसद प्रियंका ने पशुपालन और दुग्ध विकास मंत्री जे चिंचू रानी को पत्र लिखकर यह मांग उठाई है. अपने पत्र में प्रियंका ने बताया है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक पशु आहार की बढ़ती लागत के कारण गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि दूध उत्पादन की 80 प्रतिशत से अधिक लागत चारे की लागत के कारण होती है. कांग्रेस नेता ने कहा है कि चारे के उत्पादन में भारी कमी और खेती की उच्च लागत ने स्थिति को और भी खराब कर दिया है. अकेले वायनाड जिले में ही केवल 1,800 हेक्टेयर भूमि पर चारे की खेती होती है. स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए जिले को 3,000 हेक्टेयर भूमि पर चारे की खेती करनी होगी.

पशुपालन मंत्री जे चिंचू रानी को लिखा पत्र

उन्होंने कहा कि केरल के दुग्ध उत्पादक पड़ोसी राज्यों से प्राप्त चारे पर निर्भर हैं, जिसे अक्सर उच्च कीमतों पर खरीदा जाता है और आपूर्ति में व्यवधान का सामना करना पड़ता है. इससे केरल के दुग्ध उत्पादकों के लिए दूध उत्पादन बेहद महंगा हो गया है. वायनाड सांसद ने यह भी कहा कि उत्पादन लागत 50 रुपये प्रति लीटर से अधिक है, लेकिन खरीद दर 47 से 48 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है. इन चुनौतियों के अलावा वायनाड के किसानों को चारा इकट्ठा करते समय जंगली जानवरों के हमलों का भी खतरा रहता है. वड्रा ने कहा कि वर्तमान में दुग्ध उत्पादकों को हरे चारे के लिए 3 रुपये प्रति किलो और सूखे चारे के लिए 4 रुपये प्रति किलो की दर से सब्सिडी दी जा रही है. व्यक्तिगत किसान को मिलने वाली अधिकतम सब्सिडी 5,000 रुपये है और दुग्ध सहकारी समितियों को दी जाने वाली सब्सिडी एक लाख रुपये तक सीमित है. इस पर वायनाड की कांग्रेस सांसद प्रियंका ने पशुपालन और दुग्ध विकास मंत्री जे चिंचू रानी को पत्र लिखा है.

सब्सिडी दर को बताया बेहद कम

कहा कि हालांकि पशु आहार पर दी जाने वाली सब्सिडी का स्वागत है, लेकिन वर्तमान सब्सिडी दर बेहद अपर्याप्त है. उन्होंने राज्य सरकार से संबंधित हितधारकों के साथ परामर्श करने, गीले और सूखे दोनों प्रकार के चारे पर सब्सिडी बढ़ाने और चारा उत्पादन के तहत अधिक क्षेत्र लाने की पहलों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है. कहा कि जीएसटी का बोझ उनकी बढ़ती लागतों को और भी बढ़ा देता है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि डेयरी किसानों और सहकारी समितियों को चार्टर्ड अकाउंटेंट की सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता या व्यवस्था बहुत मददगार साबित होगी. उन्होंने कहा कि लाखों डेयरी किसान कर्ज और बढ़ते नुकसान से जूझ रहे हैं. यह उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ सबसे कमजोर समुदायों का भरण-पोषण करता है.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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