PM Museum AI Avatar: दिल्ली में प्रधानमंत्री म्यूजियम में आने वाले विजिटर जल्द ही मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जरिए इतिहास को एक नए तरीके से अनुभव कर पाएंगे.
26 April, 2026
बचपन में इतिहास पढ़ते हुए हम सभी ने सोचा था कि काश हम पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटर बिहारी वाजपेयी समेत देश के सभी प्रधानमंत्रियों से मिल पाते, लेकिन अब तकनीक की मदद से हमारा यह सपना भी पूरा हो सकता है. दरअसल, दिल्ली में प्रधानमंत्री म्यूजियम में आने वाले विजिटर जल्द ही मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जरिए इतिहास को एक नए तरीके से अनुभव कर पाएंगे. महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी के AI-पावर्ड, “हाइपर-रियलिस्टिक” 3D अवतार बनाए जा रहे हैं, जिससे लोग उनसे बातचीत कर सकेंगे. यह प्रोजेक्ट अभी अपने आखिरी स्टेज में है और मई के आखिर तक लॉन्च होने की उम्मीद है.
डिजिटल अवतार और स्मार्ट ग्लास टेक्नोलॉजी
इससे पहले, सरदार वल्लभभाई पटेल और ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के AI-बेस्ड इंटरैक्टिव मॉडल को भी पॉजिटिव फीडबैक मिला है.प्राइम मिनिस्टर म्यूज़ियम और लाइब्रेरी (PMML) के डायरेक्टर अश्विनी लोहानी के मुताबिक, म्यूजियम में विजिटर के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए AI टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है. होलोबॉक्स, लाइफ-साइज डिजिटल अवतार और स्मार्ट ग्लास जैसी टेक्नोलॉजी, जो ऑडियो कमेंट्री के साथ जानकारी देगी, को खास तौर पर देखने में दिक्कत वाले लोगों के लिए शामिल किया जा रहा है.

हेलीकॉप्टर राइड का मजा ले सकेंगे विजिटर
यह म्यूजियम, जिसे केंद्र सरकार एक बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर प्रमोट कर रही है, ऐतिहासिक और मॉडर्न आर्किटेक्चर का एक अनोखा मेल है. इसका एक हिस्सा 1929-30 में ब्रिटिश-काल के कमांडर-इन-चीफ के घर के तौर पर बनाया गया था, जो बाद में जवाहरलाल नेहरू का घर बन गया. 2022 में एक नया मॉडर्न कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हुआ, जिसमें सभी प्रधानमंत्रियों की विरासत दिखाने वाली गैलरी हैं. म्यूज़ियम के नए विंग में कई दिलचस्प और इमर्सिव अनुभव भी हैं. विजिटर “हेलीकॉप्टर राइड” सिमुलेशन का मजा ले सकते हैं, जिसमें वे अटल टनल और चेनाब ब्रिज जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को वर्चुअली देख सकते हैं.
भारत की मिलिट्री ताकत देखने का मौका
“सिक्योरिटी” गैलरी में भारत की मिलिट्री ताकत और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे बड़े ऑपरेशन दिखाए गए हैं. टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, म्यूजियम विजिटर नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक, किसी भी प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल फोटो भी क्लिक कर सकते हैं. हाल के महीनों में, कैफेटेरिया, फ़ाइन-डाइनिंग रेस्टोरेंट और सोविनियर शॉप जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे विजिटर का अनुभव और बेहतर हुआ है. इतिहास को बचाने के अलावा, PMML भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहा है. इसमें सभी प्रधानमंत्रियों पर एक पूरी बुकलेट पब्लिश करना शामिल है. इस पूरे प्रोजेक्ट का मकसद मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जरिए नई पीढ़ी के लिए भारत की पॉलिटिकल और हिस्टोरिकल यात्रा को ज्यादा इंटरेस्टिंग और इंटरैक्टिव बनाना है.
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News Source- PTI
