Iran Protest : ईरान में आर्थिक संकट को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया गया. इसको लेकर ट्रंप ने दावा किया जिन आंदोलनकारियों को फांसी देने के लिए पकड़ा था, उन्हें अब छोड़ दिया गया है.
Iran Protest : ईरान में आर्थिक संकट के बीच लोगों ने भारी संख्या में खामेनेई शासन का विरोध किया और इस दौरान कई लोगों ने सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की. ईरानी शासन ने कहा कि जो लोग भी इस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं वह ईश निंदा के अंतर्गत आता है और इसके तहत फांसी की सजा प्रावधान है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन में गिरफ्ता हुए 800 लोगों की फांसी को रोक दिया. इस ईरान के टॉप प्रॉसिक्यूटर ने शुक्रवार को ट्रंप के बयान को सिरे से खारिज कर दिया और उनकी बात को पूरी तरह से झूठा बताया.
न्यायपालिका ने नहीं दिया कोई फैसला
ट्रंप के बयान और ईरान के पलटवार से सवाल उठ गया है कि क्या देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर बड़े पैमाने पर फांसी दी जाएगी? हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार हुए कुछ लोगों पर मौत की सजा के आरोप हैं. मिजान के मुताबिक, मोहावेदी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा पूरी तरह से गलत है, ऐसा कोई नंबर सामने नहीं आया है और न ही न्यायपालिका ने ऐसा कोई फैसला दिया है. ट्रंप ने कहा कि बड़े पैमाने पर फांसी और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की हत्या दोनों ही ईरान पर अमेरिकी मिलिट्री हमलों की रेड लाइन हरी हो जाएगी.
दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंचता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान बातचीत में अब रुचि दिखाने लग गया है. इसके बाद तेहरान ने कहा कि हमारी उंगलियां भी ट्रिगर पर है. इसी बीच अमेरिका का सबसे खतरनाक युद्धपोत USA अब्राहम लिंकन ईरान के काफी करीब पहुंच गया है और अमेरिका का जंगी जहाज ईरान के करीब पहुंच जाने का मतलब है कि कुछ बड़ा होने वाला है.
काल माना जाता है USA अब्राहम लिंकन बेड़ा
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के साथ एक बेड़ा चलता है जो जंग लड़ने के लिए 24 घंटे तैयार रहता है. इस युद्धपोत को अमेरिका का सबसे खतरनाक जंगी बेड़ा बोला जाता है. कहा ये भी जाता है कि ये एक बेड़ा ईरान की पूरी सेना को युद्ध के मैदान में धूल चटा सकता है. इसके अलावा इस जंगी जहाज के साथ गाइडेड मिसाइल क्रूजर, विध्वंसक जहाज, सबमरीन और अन्य युद्धपोत शामिल होते हैं और यही वजह है कि इसको सबसे खतरनाक युद्धपोत कहा जाता है.
क्या ईरान रोक पाएगा USA के हथियार
अब सवाल ये खड़ा होता है कि क्या ईरान अमेरिकी हथियारों को हमले से रोक पाएगा? इसका जवाब है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों रोक पाना ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम के पास वो बात नहीं है. ईरानी सेना का एयर डिफेंस सिस्टम और रडार अमेरिकी बी-2 बॉम्बर को पता लगाने में नाकामयाब होते हैं. इसके अलावा अमेरिका के F-35 और F-22 विश्व सबसे खतरनाक विमान माने जाते हैं, क्योंकि ये दोनों ही विमान पांचवीं पीढ़ी के हैं. दूसरी तरफ ईरानी वायुसेना दशकों पुराने विमान को इस्तेमाल करती है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
