Home Top News वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर 5वें दिन भी धरने पर CM ममता, लगाए ये आरोप; जानें क्या बोले CEC

वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर 5वें दिन भी धरने पर CM ममता, लगाए ये आरोप; जानें क्या बोले CEC

by Sachin Kumar
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West Bengal News : पश्चिम बंगाल में चुनाव आने से पहले SIR को लेकर घमासान मचा हुआ है. सीएम ममता बनर्जी बीते पांच दिनों से धरने पर बैठी हैं और EC पर वोटर्स के नाम हटाने का आरोप लगाया.

West Bengal News : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का SIR के खिलाफ पांचवें दिन भी प्रदर्शन जारी है. SIR के खिलाफ जारी आंदोलन के पांचवें दिन उन्होंने चुनाव आयोग पर काफी रचनात्मक तरीके से हमला बोला. उन्होंने वोटर लिस्ट से कथित तौर पर नाम न हटाने को लेकर एक बोर्ड पर SIR और उसके बाद ‘गायब’ लिखा. इसके बाद उन्होंने इस मिटा दिया. सेंट्रल कोलकाता में मेट्रो चैनल पर धरना स्टेज पर सीएम ममता एक स्टैंड पर रखे हरे बोर्ड पर रंगों से ड्राइंग बनाती दिखीं. ड्राइंग बोर्ड के ऊपर उन्होंने पहले SIR लिखा, जबकि नीचे उन्होंने सफेद रंग से ‘गायब’ शब्द लिखा.

6 मार्च से धरना दे रही हैं मुख्यमंत्री

इसके बाद ममता बनर्जी ने कई छोटे टेढ़े-मेढ़े गोले और मैप जैसी एक बड़ी आउटलाइन बनाई और धीरे-धीरे हरे बोर्ड के कुछ हिस्सों को सफेद रंग से रंग दिया. माना जा रहा है कि यह वोटरों के नाम लिस्ट हटाए जाने का प्रतीक था. इस दौरान चीफ इलेक्शन ऑफिसर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे और उस वक्त मुख्यमंत्री ड्राइंग बना रहीं थीं. बता दें कि मुख्यमंत्री ममता 6 मार्च से धरना स्थल पर बैठी हुई हैं. उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि SIR की वजह से 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में बड़े पैमाने पर असली वोटर्स के नाम हटा दिए हैं.

हर पहलू का किया रिव्यू

बीते कुछ दिनों से TMC सुप्रीमो केंद्रीय चुनाव आयोग पर BJP के इशारों पर नाचने और पश्चिम बंगाल में असली वोटर्स को वोट देने से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया. इसी बीच कोलकाता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरा इलेक्शन कमीशन पिछले दो दिनों से पश्चिम बंगाल में है ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का रिव्यू कर सकें. कमीशन ने चुनाव की तैयारियों के हर पहलू का डिटेल रिव्यू किया है. साथ ही आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स से भी चर्चा की है. इसके अलावा सिंबॉलिक तौर पर नए वोटर्स की EPIC कार्ड भी बांटे गए और इलेक्शन आइकॉन्स को भी सम्मानित किया गया.

भेदभाव के काम करना जरूरी : CEC

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में डेमोक्रेसी बहुत गहरी है, लगातार वोटिंग परसेंटेज बहुत ज़्यादा रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि चुनावों में सरकारी अधिकारियों का पूरी तरह से बिना किसी भेदभाव के काम करना जरूरी है. साथ ही सभी एजेंसियों को निष्पक्षता से काम करने का निर्देश दिया गया है. CEC ने बताया कि राज्यों में SIR संवैधानिक नियमों के अनुसार किया जा रहा है. SIR का मकसद यह पक्का करना है कि वोटर लिस्ट साफ हो और एलिजिबल वोटर्स का नाम लिस्ट में हो. दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में पोस्ट-SIR इलेक्टोरल रोल में जिन नामों पर फैसला हो रहा है, उनकी SC के आदेश के अनुसार जांच चल रही है.

यह भी पढ़ें- LPG की सप्लाई पर केंद्र सख्त, जमाखोरी रोकने के लिए किया ECA लागू; जानें पूरा मामला

News Source: PTI

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