Home Latest News & Updates विपक्ष का हंगामा और सरकार का विजन: राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतरिक्ष से लेकर वंदेभारत तक की गिनाईं उपलब्धियां

विपक्ष का हंगामा और सरकार का विजन: राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतरिक्ष से लेकर वंदेभारत तक की गिनाईं उपलब्धियां

by Sanjay Kumar Srivastava
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विपक्ष का हंगामा और सरकार का विजन: राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतरिक्ष से लेकर वंदे भारत तक की गिनाईं उपलब्धियां

Parliament Budget Session: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा एक ऐतिहासिक सफर की शुरुआत है.

Parliament Budget Session: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा एक ऐतिहासिक सफर की शुरुआत है. संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि अंतरिक्ष पर्यटन अब भारतीयों की पहुंच में है. मुरमू ने कहा कि शुभांशु शुक्ला का अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंचना एक ऐतिहासिक सफर की शुरुआत है. आने वाले वर्षों में भारत अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं द्वारा मेज थपथपाने के बीच राष्ट्रपति ने कहा कि देश गगनयान मिशन पर उत्साहपूर्वक काम कर रहा है. शुक्ला ने पिछले साल जून-जुलाई में आईएसएस पर 18 दिवसीय मिशन पूरा किया था, वह इस कक्षीय प्रयोगशाला का दौरा करने वाले पहले भारतीय हैं. इससे पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने 1984 में रूसी अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट-7 की अंतरिक्ष यात्रा की थी. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि केंद्र सरकार देश में सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है.

करोड़ों लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ

राष्ट्रपति के भाषण शुरू होते ही विपक्ष की ओर से हंगामा मच गया. मुर्मू ने कहा कि देश के लगभग 95 करोड़ नागरिकों को अब सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है. बताया कि पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को और सशक्त बनाने के लिए काम किया जा रहा है. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने और सार्वजनिक धन के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने में सफल रही है. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नई पीढ़ी की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए एक उपलब्धि है. असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच हाल ही में शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की बुधवार को संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सराहना की. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की यह ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को बताया बड़ी उपलब्धि

मुर्मू ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग की आबादी की सेवा करने वाला रेलवे 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के करीब है. उन्होंने राजधानी एक्सप्रेस के साथ दिल्ली और मिजोरम की राजधानी आइजोल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब ट्रेन पहली बार आइजोल पहुंची, तो स्थानीय लोगों द्वारा दिखाई गई खुशी और उत्साह ने पूरे देश को खुशी और गर्व से भर दिया. रेलवे की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुर्मू ने कहा कि भारत ने विश्व के सबसे ऊंचे मेहराबदार पुल, चिनाब पुल, साथ ही तमिलनाडु में पंबन पुल का निर्माण करके अवसंरचना क्षेत्र में एक रिकॉर्ड बनाया है.

उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत की सराहना की और कहा कि आज जम्मू और कश्मीर से लेकर केरल तक पूरे देश में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क संचालित होता है. 28 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश करेंगी. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त समझौता युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा.

मनरेगा पर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा वीबी-जी राम जी अधिनियम का उल्लेख करने पर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया और कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए. अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) 125 दिनों के काम की गारंटी प्रदान करेगा. इसके अलावा भ्रष्टाचार और गबन को भी रोकेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी. जहां एक ओर राष्ट्रपति द्वारा वीबी-जी राम जी अधिनियम का उल्लेख करने पर सत्ता पक्ष ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया, वहीं विपक्षी सदस्यों ने कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए. यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) का स्थान लेने वाला है.

विपक्षी दल वीबी-जी आरएएम जी अधिनियम को वापस लेने और एमजीएनआरईजीए को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग कर रहे थे. जिसमें काम करने का अधिकार और पंचायतों का अधिकार शामिल है. इस बीच सरकार का दावा है कि नया अधिनियम ग्रामीण रोजगार गारंटी को और मजबूत करेगा.

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News Source: Press Trust of India (PTI

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