India EU Trade Agreement: भारत और यूरोप सबसे बड़ा एग्रीमेंट साइन करने जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों को फायदा होगा. इस डील से आम आदमी की भी बचत होगी. जानें कैसे.
26 January, 2026
भारत 77वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा है. इस गणतंत्र दिवस पर यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर चीफ गेस्ट के तौर पर समारोह में शामिल हुए, लेकिन उनके भारत आने का मुख्य उद्देश्य भारत और 27 देशों के यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड एग्रीमेंट साइन करना है. वैश्विक व्यापार टेंशन के बीच भारत और यूरोप सबसे बड़ा एग्रीमेंट साइन करने जा रहे हैं, उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया और कहा कि इससे 2 अरब लोगों का बाज़ार बनेगा, जो दुनिया की कुल GDP का लगभग एक चौथाई होगा. कल 27, जनवरी को औपचारिक रूप भारत और यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन कर सकते हैं.
भारत-EU देंगे ट्रंप को जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक व्यापार में अपनी मनमानी चलाने के लिए भारत और अन्य देशों पर टैरिफ लगा रहे हैं. ट्रंप पहले ही भारत और यूरोपी देशों पर टैरिफ लगा चुके हैं. हालांकि अब भारत और यूरोप की दोस्ती से ट्रंप समेत दुनिया को एक मैसेज मिलेगा कि भारत किसी के दबाव में आकर व्यपार समझौते नहीं करने वाला. भारत और यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर ट्रंप को तगड़ा जवाब देंगे. अभी भारत अमेरिका को 50 प्रतिशत टैरिफ दे रहा है, लेकिन डील के बाद अमेरिका पर भारत की निर्भता कम हो जाएगी. इस डील से दोनों देशों को कम टैरिफ पर एक दूसरे का बाजार मिलेगा. इस डील के बाद 90 प्रतिशत से ज्यादा वस्तुओं पर टैरिफ शुल्क हट जाएगा और भारत के सामानों की बिक्री ज्यादा होगी. इसी के साथ यूरोपीय देशों को भी भारत का बड़ा बाजार मिलेगा.

भारत को कैसे होगा फायदा
यह समझौता भारत के लिए 27 यूरोपीय देशों के बाजारों तक पहुंच को और आसान बनाएगा. भारत के वे सेक्टर जो महत्वपूर्ण रोजगार पैदा करते हैं और उच्च उत्पाद मूल्य वाले हैं, उन्हें फायदा होगा. भारत वर्तमान में यूरोपीय देशों को कपड़ा, चमड़े का सामान और समुद्री उत्पाद बेचता है, जिन पर यूरोपियन यूनियन 2 से 12 प्रतिशत टैक्स लगाता है. अगर समझौते के बाद टैरिफ कम या खत्म हो जाते हैं, तो भारतीय सामान सस्ते हो जाएंगे और उनकी बिक्री बढ़ेगी. इसके अलावा, यूरोपीय देशों में फार्मास्युटिकल और केमिकल उद्योगों तक भारत की पहुंच बढ़ेगी.
यूरोप के लिए फायदेमंद डील
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से EU देशों के लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक, भारत में व्यापार करना आसान हो जाएगा. उनकी वाइन और अन्य मादक उत्पादों पर टैक्स कम हो जाएगा, और सर्टिफिकेशन आसान हो जाएगा. इसके अलावा, भारत में यूरोपीय लग्जरी वाहनों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. वर्तमान में, यूरोपीय वाइन और स्पिरिट पर 150 से 200 प्रतिशत टैक्स लगता है, जबकि लग्जरी कारों पर 100 से 125 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है. इसके अलावा, औद्योगिक मशीनरी, बिजली के सामान और रसायन बनाने वाली यूरोपीय कंपनियों को भी फायदा हो सकता है, क्योंकि टैक्स और नियामक बाधाएं कम हो जाएंगी. यूरोप से इंपोर्ट की जाने वाली हाई-टेक मशीनरी और मोबाइल पार्ट्स सस्ते हो जाएंगे, जिससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग लागत कम होगी. भारत में यूरोपीय देशों के सामान पर टैरिफ कम हो जाने से उनकी कीमत भी कम हो जाएगी और भारतीय लोगों के अच्छी बचत होगी.
यह भी पढ़ें- ‘वंदे मातरम के 150 साल’ सभी राज्य के कलाकारों ने किया खास प्रदर्शन, देखें तस्वीरें
