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Budget 2026: MSME को मिले 10 हजार करोड़, देश में बनेंगे 3 नए AIIMS – वित्त मंत्री

by Neha Singh
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Budget 2026: आज 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करेंगी, जो भारत की अर्थव्यवस्था का रोडमैप है.

1 February, 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी, जिससे देश की दशा और दिशा तय होगी. बजट में ग्रोथ की गति को बनाए रखने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और ऐसे सुधारों को शामिल करने के उपायों की घोषणा होने की उम्मीद है, जो अमेरिकी टैरिफ सहित वैश्विक व्यापार टकराव से भारतीय अर्थव्यवस्था को बचा सकें. अप्रैल 2026 से मार्च 2027 वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए बजट रविवार को पेश किया जाएगा, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार होगा.

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25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे

वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए हर ज़िले में लड़कियों के हॉस्टल बनाए जाएंगे.

देश में बनेंगे 3 नए एम्स

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि देश में 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) बनाए जाएंगे. सरकार ने घोषणा की है कि वह पांच रीजनल मेडिकल हब बनाएगी. ये हब मेडिकल ट्रेनिंग और रिसर्च पर फोकस करेंगे और आसानी से मिलने वाली मेडिकल सुविधाएं देंगे. ये खासकर हेल्थकेयर सेक्टर में काम करने वालों के लिए अलग-अलग तरह के रोजगार के मौके भी पैदा करेंगे.

7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की, जिसमें दिल्ली- वाराणसी और वाराणसी- सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले कॉरिडोर भी शामिल है. वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी.

रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर की घोषणा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में एक रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किया जाएगा. इसके अलावा, तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क भी स्थापित किए जाएंगे.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “मैं कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक स्कीम का भी प्रस्ताव करती हूं, ताकि पांच साल की अवधि में 10,000 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ एक विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाया जा सके.”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए काम कर रही है। सेमीकंडक्टर के लिए ₹40,000 करोड़ अलॉट किए गए हैं. हमारा फोकस बायोफार्मा पर भी रहेगा. हम इस सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ अलॉट कर रहे हैं। तीन नए संस्थान बनाए जाएंगे। अभी हमारे पास सात संस्थान हैं, जिन्हें और अपग्रेड किया जाएगा.

वित्त मंत्री का बजट भाषण शुरू

संसद में वित्त मंत्री भाषण दे रही हैं. निर्मला सीतारमण ने कहा, “हमने दूरगामी स्ट्रक्चरल सुधार, वित्तीय समझदारी और मौद्रिक स्थिरता को अपनाया है, साथ ही सार्वजनिक निवेश पर भी ज़ोर दिया है. आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई है, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है, और ज़रूरी आयात पर निर्भरता कम की है. साथ ही, हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो, रोज़गार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और सेवाओं तक सबकी पहुंच को बेहतर बनाने के लिए सुधार किए गए हैं. इन उपायों से लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल हुई है और हमें गरीबी कम करने और अपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है.

कैबिनेट ने मंजूर किया बजट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रविवार को यूनियन बजट 2026-27 को मंज़ूरी दे दी. मंजूरी के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना नौवां बजट पेश करेंगी.

वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति को सौंपी बजट की कॉपी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंच चुकी हैं. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट की कॉपी सौंपे दी है. इसके बाद वे कैबिनेट बैठक में शामिल होंगी. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री संसद भवन के लिए रवाना हो जाएंगी. सुबह 11 बजे वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करेंगी.

निर्मला सीतारमण पहुंची वित्त मंत्रालय

अमेरिकी टैरिफ से कैसे मिलेगी मदद

वित्त मंत्री की बड़े पैमाने पर इनकम टैक्स और GST कटौती, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और RBI की ब्याज दर में कटौती ने अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था को अमेरिकी टैरिफ का सामना करने में मदद की है. लेकिन अब, उन्हें इस गति को बनाए रखने के लिए उपाय करने होंगे. FY27 बजट में सरकार पर खपत बढ़ाने, रोजगार सृजन में तेजी लाने और पूंजीगत खर्च बढ़ाने का दबाव है, जबकि राजकोषीय घाटे को नीचे की ओर बनाए रखना है.

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सीतारमण को भविष्य में निवेशकों का विश्वास बहाल करने का कठिन काम भी करना है, क्योंकि अमेरिका के साथ भारत की व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता ने वित्तीय बाजारों को अस्थिर कर दिया है, जिससे विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बेच रहे हैं और रुपये को रिकॉर्ड निचले स्तर पर धकेल रहे हैं.

नियम हो सकते हैं सरल

सरकार घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए नियमों को सरल बनाने और संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे सकती है. पैसे की कमी के बावजूद, उनसे खर्च में कटौती की उम्मीद नहीं है और वह चुनाव वाले राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के लिए नए कदम शामिल कर सकती हैं. इसके अलावा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, कृषि और सोशल वेलफेयर जैसे अलग-अलग सेक्टर की अपनी खास जरूरतें होती हैं. वहीं बजट से आम आदमी को भी खास उम्मीदें होती हैं. इसलिए यह देखना जरूरी होगा कि बजट में किन सेक्टर पर कितना ध्यान दिया जाता है और सरकार डेवलपमेंट को नई गति देने के लिए क्या कोशिश करती है.

यह भी पढ़ें- वित्त मंत्री की रिपोर्ट: कक्षा 8 के बाद छात्रों को पढ़ाना बड़ी चुनौती, शहरी-ग्रामीण अंतर अब भी बरकरार

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