Home Latest News & Updates हूती विद्रोहियों से लड़ाई के बीच यमन में नई कैबिनेट का ऐलान, 35 सदस्यों को मिली जिम्मेदारी; जानें मामला

हूती विद्रोहियों से लड़ाई के बीच यमन में नई कैबिनेट का ऐलान, 35 सदस्यों को मिली जिम्मेदारी; जानें मामला

by Sachin Kumar
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Yemen News : यमन में सालों से एक संघर्ष के बीच पिस रहा है और वहां पर इलाके बांटने के बीच लड़ाई होती रहती है. यमन के दक्षिण इलाके पर सऊदी अरब के समर्थन वाले गठबंधन STC का कब्जा है तो उत्तरी पर हूतियों का दबदबा है.

Yemen News : यमन में एक बार फिर से कैबिनेट बदलने की तैयारियां तेज हो गई हैं और इसके लिए सत्ताधारी लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख ने ऐलान कर दिया है. बताया जा रहा है कि देश के दक्षिणी इलाके में जानलेवा झड़पों और एक अलगाववादी ग्रुप होने के हफ्तों बाद एक नई कैबिनेट का ऐलान किया गया है. दूसरी तरफ हूती विद्रोहियों से लड़ रहे सऊदी अरब समर्थन वाले गठबंधन में दरार आ गई है. प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने शुक्रवार की देर रात में ये घोषणा की है. 35 सदस्यों वाली कैबिनेट की अध्यक्षता प्रधानमंत्री अल-ज़ंदानी कर रहे हैं और ये विदेश मंत्री भी हैं.

नया कैबिनेट बनाना चाहते है स्वतंत्र राज्य

वहीं, इस नई कैबिनेट में दो महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा और राज्य मंत्री अहद जासूस है. इसके अलावा मेजर जनरल ताहिर अल-अकीली को रक्षा मंत्री बनाया गया है और मेजर जनरल इब्राहिम हैदान गृह मंत्रालय का नेतृत्व करेंगे. आपको बताते चलें कि यमन एक दशक से ज्यादा समय से गृह युद्ध में फंसा हुआ है, जिसमें सांप्रदायिक और कबायली शिकायतों और क्षेत्रीय शक्तियों की भागीदारी का एक जटिल मेल है. ईरान समर्थित हूती विद्रोही उत्तरी हिस्से के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाके का नेतृत्व करते हैं और इसमें राजधानी सना भी शामिल है. दूसरी तरफ सऊदी अरब समर्थित वाले दक्षिणी ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) दक्षिण इलाके को स्वतंत्र करके एक देश बनाना चाहता है.

UAE पर लगाया अलगाववादियों का समर्थन करने का आरोप

STC बलों ने तेल से भरपूर इलाकों और सुविधाओं वाले हद्रामौत और महरा प्रांतों पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने सऊदी समर्थित नेशनल शील्ड फोर्सेज से जुड़े बलों को बाहर निकाल दिया, जो हूती विरोधी गठबंधन से जुड़ा एक संगठन है. बीते दो महीनों से दक्षिणी यमन में तनाव काफी बढ़ा है, ये तनाव सऊदी अरब और UAE के बीच लंबे समय से चले संघर्ष की वजह से हुआ है. वहीं, सऊदी अरब ने UAE पर अलगाववादियों का समर्थन करने और STC नेता, ऐदारूस अल-जुबैदी देशद्रोह के आरोप में वांटेड हैं और उस पर यमन से बाहर करके अबू धाबी ले जाने का भी आरोप लगाया. सऊदी अरब वाले गठबंधन, जिसमें UAE भी शामिल था, यमन की सरकार को बहाल करने के लिए मैदान पर लड़ रहा है.

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