Mahashivratri Puja Vidhi: भगवान शिव की पूजा के विशेष नियम होते है, इसलिए शिवलिंग पर कुछ विशेष सामग्री ही चढ़ाई जाती है. यहां जानें आपको महादेव को क्या अर्पित नहीं करना चाहिए.
8 February, 2026
महाशिवरात्रि का त्योहार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत रखा जाएगा. शिव भक्तों को महाशिवरात्रि का बेसब्री से इंतजार रहता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. महाशिवरात्रि पर शिव भक्त व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं.
भक्त भगवान की प्रिय चीजें उन्हें अर्पित करते हैं जैसे-भांग और धतूरा और दूध. लेकिन कई लोग जानकारी न होने के कारण भगवान शिव को गलत चीजें अर्पित कर देंते हैं भगवान शिव की पूजा के विशेष नियम होते है, इसलिए जलाभिषेक और रूद्राभिषेक के बाद शिवलिंग पर कुछ विशेष सामग्री ही चढ़ाई जाती है. आज हम आपको बताएंगे कि शिवलिंग की पूजा के समय आपको क्या अर्पित नहीं करना चाहिए.

भूलकर भी न करें ये गल्तियां
- महादेव की पूजा के दौरान शंख नहीं बजाया जाता है और शंख से जल अर्पित करना भी वर्जित है. माना जाता है कि शंख की उत्पत्ति शंखचूड़ नाम के असुर से हुई है और उसकी हड्डियों से शंख बना है. भगवान शिव ने ही उस असुर का वध किया था, इसलिए उनकी पूजा में शंख बजाना वर्जित है.
- महादेव तपस्वी हैं, इसलिए शिवलिंग पर हल्दी, कुमकुम या सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए. इन चीज़ों का इस्तेमाल देवी पार्वती की पूजा में किया जा सकता है.
- भगवान शिव को बेलपत्र बहुत पसंद है, लेकिन शिव पूजा में कभी भी फटा हुआ बेलपत्र नहीं चढ़ाना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर तीन पत्तों वाला बिना टूटा हुआ बेलपत्र चढ़ाना चाहिए.
- शिवलिंग पर केतकी, कनेर, कमल, चंपा, लाल रंग के फूल और तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए. इसकी जगह बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी के पत्ते चढ़ाने चाहिए. आप चाहे तो चमेली या गुलाब का फूल चढ़ा सकते हैं.
- महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाने चाहिए. महादेव को चढ़ाए जाने वाले अक्षत साबुत और साफ होने चाहिए.

महादेव को ये चीजें करें अर्पित
महाशिवरात्रि पर महादेव को प्रसन्न करने के लिए आप उन्हें जल, दूध, बेलपत्र, शहद, चंदन, अक्षत, धतूरा, दही, घी और भांग चढ़ा सकते हैं. महादेव को कुछ भी अर्पित करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना चाहिए.
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