Rupee Vs Dollar: 12 फरवरी की सुबह रुपये के लिए ठीक ठाक रही. दरअसल, आज सुबह मार्केट खुलते ही, इन्वेस्टर्स को नई उम्मीद मिली. आप भी जानें बाज़ार का पूरा हाल.
12 February, 2026
ग्लोबल मार्केट की उठापटक के बीच भारतीय रुपये के लिए गुरुवार की सुबह एक नई उम्मीद लेकर आई. शुरुआती कारोबार में ही रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 38 पैसे की शानदार बढ़त बनाई और 90.40 के लेवल पर पहुंच गया. इस मजबूती के पीछे फॉरेन फंड्स का भारत की ओर बढ़ता रुझान और भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की दखलंदाजी को बड़ी वजह माना जा रहा है.
कैश की नहीं कमी
फॉरेन करेंसी मार्केट के एक्सपर्ट्स का कहना है कि, हालांकि विदेशी फंड्स का निवेश बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन इसने शेयर बाजार को एक सहारा जरूर दिया है. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 90.55 पर खुला था, लेकिन जल्द ही इसने रफ्तार पकड़ी और 90.40 तक जा पहुंचा. बुधवार को रुपया 22 पैसे की गिरावट के साथ 90.78 पर बंद हुआ था, जिससे बाजार में थोड़ी चिंता थी, लेकिन आज की रिकवरी ने सबका मूड बदल दिया.
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RBI का कमाल
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी के मुताबिक, RBI ने पर्दे के पीछे से ये सुनिश्चित किया है कि बैंकिंग सिस्टम में पैसों की तंगी न हो. इस टाइम बैंकिंग सिस्टम में लगभग 3 ट्रिलियन रुपये की सरप्लस नकदी मौजूद है, जो पिछले 6 महीनों में सबसे ज्यादा है. यानी बैंक कैश से लबालब भरे हुए हैं.
ग्लोबल टेंशन
हर सिक्के के 2 पहलू होते हैं, मार्केट का भी यही हाल है. ऐसे में सिक्के का दूसरा पहलू ये भी है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें इकोनॉमी के लिए किसी साइलेंट टैक्स की तरह काम कर रही हैं. दुनिया भर में चल रही टेंशन की वजह से इन्वेस्टर्स अब भी थोड़ा संभलकर चल रहे हैं. इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर व्हाइट हाउस की तरफ से जारी ताजा जानकारियों ने भी बाजार को थोड़ा सतर्क कर दिया है. नई शर्तों के तहत भारत को अमेरिकी इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करने पड़ सकते हैं.
इन्वेस्टर्स का भरोसा
भले ही रुपया मजबूत हुआ हो, लेकिन इंडियन शेयर बाजार में आज सुबह थोड़ी सुस्ती देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में ट्रेड करते दिखे. हालांकि, बुधवार के आंकड़े बताते हैं कि फॉरेन इन्वेस्टर्स यानी FII ने मार्केट में 943 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की है. कुल मिलाकर, डॉलर की मजबूती के बीच रुपये का इस तरह संभलना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है. वहीं, अगर कच्चे तेल की कीमतें काबू में रहती हैं, तो आने वाले दिनों में रुपये की हाल और भी बेहतर हो सकता है.
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News Source: PTI
