Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो का बड़ा विस्तार होने जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के पांचवें चरण को रेखा सरकार की मंजूरी मिल गई है. इसके पूरा होते ही ट्रैफिक का दबाव भी काफी घट जाएगा.
Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो का बड़ा विस्तार होने जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के पांचवें चरण को रेखा सरकार की मंजूरी मिल गई है. इसके पूरा होते ही ट्रैफिक का दबाव भी काफी घट जाएगा. इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. दिल्ली सरकार ने बुधवार को मेट्रो विस्तार के पांचवें चरण को मंजूरी दे दी है. इस पर कुल लागत 12,014.91 करोड़ रुपये आएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना में दिल्ली सरकार 2,940.46 करोड़ रुपये का योगदान देगी. इस विस्तार के तहत तीन प्रमुख कॉरिडोर बनाए जाएंगे:पहला आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ: यह सेंट्रल विस्टा को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. दूसरा तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और तीसरा एयरोसिटी से आईजीआई टर्मिनल-1. यह कदम राजधानी के सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए उठाया गया है. राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया.
दो लाख दैनिक यात्रियों को होगा लाभ
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह परियोजना उनकी “7-सी” दृष्टि के अनुरूप है, जिसमें साझा, जुड़ा हुआ, सुविधाजनक, भीड़भाड़ मुक्त, शुल्क-मुक्त, स्वच्छ और अत्याधुनिक गतिशीलता शामिल है. उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना आवश्यक है. स्वीकृत तीन कॉरिडोर हैं: आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा होते हुए), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू टर्मिनल-1. कहा गया है कि प्रस्तावित 13 स्टेशनों में से 10 भूमिगत और तीन एलिवेटेड होंगे. आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.91 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में नौ स्टेशन होंगे और यह सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा. सीएम गुप्ता ने कहा कि यह कॉरिडोर कर्तव्य भवन परिसरों सहित प्रमुख प्रशासनिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगा और इससे अनुमानित 60,000 सरकारी कर्मचारियों और लगभग दो लाख दैनिक यात्रियों को लाभ होगा.
तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर में होंगे तीन स्टेशन
इस कॉरिडोर से जुड़ने वाले प्रमुख स्थानों में आरके आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, सीसीएस बिल्डिंग, इंडिया गेट, युद्ध स्मारक-उच्च न्यायालय, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल है. इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 9,570.40 करोड़ रुपये है, जिसमें से 2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे. एयरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 तक 2.26 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले एयरोसिटी-आईजीडी टर्मिनल-1 कॉरिडोर में एक स्टेशन होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हवाई अड्डे तक सीधी मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुगम करने में मदद मिलेगी. परियोजना की अनुमानित लागत 1,419.64 करोड़ रुपये है, जिसमें से 351.86 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित किए जाएंगे. तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर में फैले तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर में तीन स्टेशन होंगे और दक्षिण व दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में कनेक्टिविटी में सुधार होगा. बताया कि इस खंड की अनुमानित लागत 1,024.87 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार 251.36 करोड़ रुपये का योगदान देगी.
ये भी पढ़ेंः आध्यात्मिक पर्यटन को पंखः अयोध्या के कायाकल्प के लिए 150 करोड़ और मुख्यमंत्री पर्यटन योजना को 500 करोड़
News Source: Press Trust of India (PTI)
