Home राज्यJammu Kashmir J&K में पहाड़ी आरक्षण को लेकर असेंबली में हंगामा, BJP विधायकों का वॉकआउट; जानें पूरा मामला

J&K में पहाड़ी आरक्षण को लेकर असेंबली में हंगामा, BJP विधायकों का वॉकआउट; जानें पूरा मामला

by Sachin Kumar
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BJP MLA stage walkout support Pahari reservation

Jammu-Kashmir News : जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी रिजर्वेशन को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी विधायकों के बीच में विवाद हो गया. बीजेपी नेताओं ने कहा कि हम सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं.

Jammu-Kashmir News : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मौजूदा सत्र में भारी हंगामा हो गया. पहाड़ी आरक्षण को लेकर नेशनल क्रॉन्फ्रेंस (NC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक आमने-सामने आ गए. बीजेपी नेताओं ने NC पर पक्षपात पर आरोप लगाया और इसके बाद सदन में बारी हंगामा हो गया. वहीं, 2 BJP विधायकों ने मैदानी इलाकों में रहने वाले पाकिस्तानी शरणार्थियों समेत पहाड़ी समुदाय के योग्य सदस्यों को पहाड़ी कोट के तहत आरक्षण का फायदा देने के समर्थन में विधानसभा से वॉकआउट किया.

सरकार के जवाब से नहीं थे संतुष्ट : MLA

नरेन्द्र सिंह रैना और अरविंद गुप्ता ने विधानसभा से वॉकआउट करने के बाद बताया कि जम्मू और दूसरे मैदानी इलाकों में रहने वाले समुदाय के लोगों को पहाड़ी कोट के तहत आरक्षण पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का संतुष्ट जवाब नहीं दे पाए. वहीं, रैना की तरफ से उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए समाज कल्याण मंत्री सकीना इटू ने कहा कि अनुसूचित जनजाति-II के फायदों का विस्तार पहाड़ी बोलने वाले लोगों को दिया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि ST-I रिजर्वेशन गुज्जरों और बकरवालों के लिए लागू है. पहाड़ी जाति के आधार पर विभिन्न ग्रुप को दिया जाता है.

सरकार बराबरी के सिद्धांत पर काम करती है

वहीं, सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधायक नरेन्द्र सिंह और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक एजाज जान के बीच आरक्षण लागू करने को लेकर जबरदस्त बहस हो गई. मामला इतना बढ़ गया कि नरेन्द्र और अरविंद सदन के बीचों-बीच वेल में दाखिल हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. दूसरी तरफ पूछा गया कि संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए पहाड़ी जाति के लोगों को ST-II का रिजर्वेशन देने का फायदा देने का इरादा रखती? इस पर मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की योजनाएं बराबरी, निष्पक्षता और भेदभाव न करने के सिद्धांतों पर खरी उतरती है.

इसके अलावा मीडिया से बात करते हुए नरेन्द्र सिंह रैना ने सरकार के स्टैंड पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शेड्यूल्ड ट्राइब-1 के सदस्य आरक्षण का फायदा उठाने के लिए एलिजिबल हैं. वह चाहे पहाड़ी इलाके में रहते हों या फिर मैदानी इलाकों में. उन्होंने तर्क दिया कि आरक्षण का लाभ उठाने के लिए ज्योग्राफिकल एरिया को क्राइटेरिया नहीं बनाया जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें- राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने के लिए BJP ने दिया नोटिस, बताया ये गंभीर कारण

News Source: PTI

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