Home राज्य बजट के जरिए सुपरसोनिक विकास का विजन, CM योगी के रणनीतिक कौशल से अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार

बजट के जरिए सुपरसोनिक विकास का विजन, CM योगी के रणनीतिक कौशल से अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार

by Neha Singh
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CM Yogi Brahmos Profile

CM Yogi Brahmos Profile: सीएम योगी ने अपने एक्स अकाउंट की कवर फोटो का बदलकर ब्रह्मोस की तस्वीर लगाई है, जिससे वह उत्तर प्रदेश की बदलती हुई तस्वीर को दिखाना चाहते हैं.

12 February, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी और 10वें बजट के जरिए एक बड़ा सियासी संदेश दिया है. उत्तर प्रदेश में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल को प्रतीक बनाकर उन्होंने अर्थव्यवस्था को सुपरसोनिक रफ्तार देने की अपनी मंशा जाहिर की है. राज्य के राजनीतिक इतिहास में प्रतीकों का हमेशा से एक गहरा अर्थ रहा है, लेकिन उससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपने एक्स अकाउंट के कवर में किया गया बदलाव सामान्य शिष्टाचार से कहीं अधिक एक रणनीतिक घोषणापत्र की तरह प्रतीत होता है.

‘नए उत्तर प्रदेश’ का संकेत

बजट 2026-27 के पेश होने के ठीक अगले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल प्रोफाइल पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की नई तस्वीर का बदलना केवल एक सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह उस ‘नए उत्तर प्रदेश’ का संकेत है, जो अब केवल कृषि और धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला का एक जरूरी केंद्र बन चुका है. इस रिपोर्ट के माध्यम से हम उस बहुआयामी संदेश का विश्लेषण कर रहे हैं, जो योगी आदित्यनाथ ने इस एक छवि के माध्यम से राष्ट्र और विश्व को दिया है. यह विश्लेषण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के ‘फर्श से अर्श’ तक के सफर, एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदमों और मुख्यमंत्री के उस राष्ट्रीय कद पर केंद्रित है, जिसने उन्हें भारतीय राजनीति के शीर्ष पटल पर अगले प्रधानमंत्री के रूप में सबसे प्रबल दावेदार के रूप में स्थापित कर दिया है.

शक्ति और आत्मनिर्भरता का संगम

ब्रह्मोस मिसाइल को अपने बैनर पर स्थान देकर योगी आदित्यनाथ ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब ‘सॉफ्ट स्टेट’ की छवि से बाहर निकलकर ‘हार्ड पावर’ के निर्माण का केंद्र बन गया है. 18 अक्टूबर 2025 को लखनऊ से ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हरी झंडी दिखाना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर था, जिसने राज्य की औद्योगिक पहचान को रणनीतिक महत्व के साथ जोड़ दिया. यह मिसाइल केवल एक अस्त्र नहीं है, बल्कि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और ‘मेक इन इंडिया’ विजन की सफलता का जीवंत प्रमाण है. मुख्यमंत्री ने इस फोटो के जरिए यह संदेश दिया है कि जिस गति और सटीकता के लिए ब्रह्मोस जानी जाती है, उसी गति और सटीकता से उनका प्रशासन राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है.

लखनऊ बना रणनीतिक औद्योगिक केंद्र

ब्रह्मोस का लखनऊ स्थित केंद्र राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक उपलब्धि है. लखनऊ के सरोजिनी नगर में 380 करोड़ की लागत से 200 एकड़ में फैला यह केंद्र प्रतिवर्ष लगभग 100 से 150 मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन करने की क्षमता रखता है. इस परियोजना का आर्थिक प्रभाव भी अत्यंत व्यापक है. अगले वित्तीय वर्ष से इस इकाई का अनुमानित वार्षिक टर्नओवर 3,000 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है, जिससे अकेले जीएसटी के माध्यम से राज्य को 500 करोड़ का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (UPDIC) ने अब तक 15,000 से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए हैं. हाल ही में दो मित्र देशों के साथ हुए 4,000 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय निर्यात अनुबंधों ने मुख्यमंत्री के इस दावे को पुष्टि की है कि उत्तर प्रदेश अब केवल अपनी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक रक्षा जरूरतों में भी सक्षम साझेदार है.

लखनऊ से राजीव ओझा की रिपोर्ट.

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