PM Modi in Assam : प्रधानमंत्री मोदी ने असम पहुंचे हैं और यहां पर उन्होंने ‘भास्कर वर्मा सेतु’ पुल का उद्घाटन किया. साथ ही उन्होंने डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग करके इतिहास रच दिया.
PM Modi in Assam : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर पहली बार उतरें. यहां पर उन्होंने फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर का प्रदर्शन भी देखा. अधिकारियों ने बताया कि इस मौके पर IAF के सुखोई-30, राफेल और हेलीकॉप्टर ELF से लैंड और टेक ऑफ किया. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की इस आपातकालीन लैंडिंग के साथ ही हाइवे पर स्थित यह पट्टी वायुसेना के रणनीतिक नेटवर्क का हिस्सा बन गई. पीएम मोदी ने यह लैंडिंग भारतीय वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस पर की.
वहीं, भारतीय वायु सेना के सुखोई Su-30MKI ने डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) से उड़ान भरी. इस उड़ान को भरते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने खुद देखा.
विमान से लैंडिंग करना ऐतिहासिक पल
प्रधानमंत्री मोदी डिब्रूगढ़ में मोरन बाईपास पर आपातकालीन लैंडिंग फैसिलिटी पर उतरें. इस लैंडिंग के साथ ही यह पल इतिहास में दर्ज हो गया और पीएम मोदी जब सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान पर उतरे तो लोगों ने काफी सराहना भी की. इसके अलावा फाइटर, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर का हवाई प्रदर्शन भी पीएम मोदी ने देखा. आपको बताते चलें कि ELF पूर्वोत्तर भारत की पहली सुविधा है जिसने लोगों को चौंका दिया. वहीं, इसके निर्माण से सेना और नागरिक विमान की लैंडिंग और टेक ऑफ में काफी मदद मिलेगी.
100 करोड़ की लागत से किया गया तैयार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले ही बता दिया था कि ELF में पहली ऐसी बड़ी एक्सराइज होगी, जिसमें करीब 16 एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट डेवलप किया गया. अब इमरजेंसी के दौरान मिलिट्री और सिविल एयरक्राफ्ट की लैंडिंग, टेक ऑफ में मदद करेगा. साथ ही इस प्रोजेक्ट को IAF के साथ मिलकर डिजाइन किया गया था.
‘भास्कर वर्मा सेतु’ का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर सेतु का उद्धाटन किया. करीब 3 हजार करोड़ की लागत से 6 लेन का यह पुल तैयार किया गया है. इस इंजीनियरिंग चमत्कार की बदौलत गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच घंटों का सफर मात्र 7 मिनट में तय हो जाएगा. भूकंपरोधी तकनीक और रियल-हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस यह पुल लोगों की लाइफ लाइन बनेगा और उनका काफी समय भी बचाने का काम करेगा.
225 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी
शहरी यातायात को बढ़ावा देने और प्रदूषण को कम करने के लिए 225 इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था की गई और इसको हरी झंडी प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई. इनमें से 100 बसें गुवाहाटी के लिए हैं, जबकि अन्य बसें नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में शामिल कर दी जाएंगी.
यह भी पढ़ें- दिल्ली यूनिवर्सिटी फिर बनी अखाड़ा, UGC प्रदर्शन रैली में महिला पत्रकार से हाथापाई, राइट-लेफ्ट के छात्र भिड़े
News Source: PTI
