UP Tourism: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (MKITM) ने पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं.
UP Tourism: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (MKITM) ने पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के सहयोग से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में तीन सर्टिफिकेट तथा एक पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया जारी है. यह पहल उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो अध्ययन के साथ-साथ पर्यटन उद्योग में पेशेवर पहचान बनाना चाहते हैं. उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि MKITM द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्र शिक्षा के साथ-साथ औद्योगिक प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकेंगे. यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए लाभदायक है, जो नियमित कक्षाओं में हिस्सा लेने में असमर्थ हैं. MKITM छात्रों के लिए आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध करवा रहा है. इच्छुक छात्र हॉस्टल की निर्धारित फीस का भुगतान कर निवास तथा नियमित कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं.

सर्टिफिकेट कोर्स के लिए योग्यता और फीस
MKITM और इग्नू द्वारा संचालित तीनों सर्टिफिकेट कोर्सों- सर्टिफिकेट इन फ़्रंट ऑफिस ऑपरेशन (सीएफओ), सर्टिफिकेट इन फूड एंड बेवरेज सर्विस ऑपरेशन (सीएफबीओ) और सर्टिफिकेट इन हाउसकीपिंग ऑपरेशन (सीएचओ) के लिए योग्यता 10+2 (बारहवीं) उत्तीर्ण होना आवश्यक है. ये सभी कोर्स हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उपलब्ध हैं. तीनों सर्टिफिकेट कोर्स 6 महीने की अवधि के हैं, जिनके लिए 18 क्रेडिट निर्धारित हैं. सर्टिफिकेट कोर्स की कुल फीस 3,000 रुपए निर्धारित की गई है, इसके अतिरिक्त 400 रुपए पंजीकरण शुल्क देय होगा. सभी सर्टिफिकेट कोर्स के दौरान छात्रों को दो महीने थ्योरी और चार महीने इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कराई जाएगी.
PGDHO कोर्स के लिए योग्यता
MKITM और इग्नू द्वारा संचालित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन होटल ऑपरेशन्स (PGDHO) एक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रम है. यह होटल इंडस्ट्री में संचालन और प्रबंधन में विशेषज्ञता प्रदान करता है. यह कोर्स उन छात्रों के लिए है, जिन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री पूरी कर ली है. कोर्स हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिसके लिए 48 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं. यह पाठ्यक्रम छात्रों को होटल उद्योग में विभिन्न प्रकार के कार्यों और जिम्मेदारियों के लिए तैयार करता है. पीजीडीएचओ पाठ्यक्रम के लिए 9,000 रुपए फीस निर्धारित की गई है, जिसके साथ 400 रुपए पंजीकरण शुल्क अलग से देय होगा. पीजी डिप्लोमा कोर्स के दौरान छात्रों को चार महीने थ्योरी और आठ महीने इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग व इंटर्नशिप कराई जाएगी.
इच्छुक ऐसे प्राप्त कर सकते हैं जानकारी
मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक कौशल के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है. इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया सहित अन्य जानकारी के लिए एमकेआईटीएम (http://www.mkitm.com) या इग्नू (http://www.ignou.ac.in) की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं. प्रवेश पोर्टल (दूरस्थ शिक्षा): (https://ignouadmission.samarth.edu.in) पर भी इच्छुक छात्र कोर्स से संबंधित जानकारी ले सकते हैं. सर्टिफिकेट और पीजी डिप्लोमा कोर्स में आवेदन की अंतिम तारीख 28 फरवरी 2026 है.
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में MKITM: मंत्री
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट की गिनती देश के प्रतिष्ठित पर्यटन प्रबंधन संस्थानों में होती है. संस्थान ने अपनी स्थापना के बाद से ही पर्यटन प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका को सिद्ध किया है. यह उच्च गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के साथ उद्योग जगत को परामर्श सेवाएं देकर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्थान निरंतर नवाचार की दिशा में कार्य कर रहा है.
युवा कौशल से निखरेगा पर्यटन-आतिथ्य उद्योग
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि एमकेआईटीएम द्वारा इग्नू के सहयोग से प्रारंभ किए गए ये ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग पाठ्यक्रम उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर हैं, जो अध्ययन के साथ-साथ आतिथ्य और होटल उद्योग में पेशेवर पहचान बनाना चाहते हैं. वर्ष 2025 में हुए समझौते के तहत इच्छुक छात्र अब इग्नू द्वारा संचालित टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी के कोर्स एमकेआईटीएम से भी कर सकते हैं. हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक युवा कौशल प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें और उत्तर प्रदेश को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाएं.
ये भी पढ़ेंः ‘प्रोफेसर को रोबोट की जानकारी नहीं’, बेइज्जती के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने मांगी माफी
