PM Modi on Jayalalithaa: आज पॉलिटिक्स की ‘आयरन लेडी’ उर्फ जयललिता की 78वीं जयंती है. इस मौके पर पीएम मोदी ने भी उन्हें याद किया.
24 February, 2026
तमिलनाडु की राजनीति की ‘आयरन लेडी’ और करोड़ों लोगों की चहेती ‘अम्मा’ यानी जे जयललिता की आज 78वीं जयंती है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बेहद फिल्मी और इमोशनल अंदाज में याद किया. पीएम ने जयललिता को एक ऐसी जादुई शख्सियत बताया जिन्होंने न सिर्फ तमिलनाडु, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बनाई थी.
दिल जीतने वाली लीडर
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जयललिता को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि वो एक करिश्माई नेता और एक बेहतरीन प्रशासक थीं. पीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर जयललिता का पूरा ध्यान लोगों के कल्याण पर रहता था. उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाली राजनीति को नई ऊंचाइयां दी. उनके शासन करने का अंदाज ऐसा था कि आज भी तमिलनाडु के लोग उन्हें ‘अम्मा’ कहकर याद करते हैं.
साहस और ममता
पीएम मोदी ने जयललिता के जीवन को अटूट इच्छाशक्ति और साहस की मिसाल बताया. उन्होंने कहा कि वो जितनी सख्त और फैसले लेने में माहिर थीं, उतनी ही दयालु और सेंसिटिव भी थीं. ‘मन की बात’ प्रोग्राम का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि जयललिता आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं क्योंकि उन्होंने समाज के भले को हमेशा प्राथमिकता दी. खासकर देश की ‘नारी शक्ति’ के साथ उनका रिश्ता बहुत खास था. उन्होंने माताओं, बहनों और बेटियों के कल्याण के लिए जो ठोस कदम उठाए और राज्य में कानून-व्यवस्था को जिस तरह संभाला, वो आज भी मिसाल के तौर पर देखा जाता है.
पोंगल का यादगार लंच
प्रधानमंत्री ने जयललिता के साथ अपनी पुरानी दोस्ती के पन्ने पलटते हुए कुछ निजी और दिलचस्प किस्से भी शेयर किए. उन्होंने याद किया कि जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब जयललिता दो बार उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आई थीं. पीएम ने कहा कि जब हम दोनों मुख्यमंत्री थे, तब अक्सर सुशासन यानी गुड गवर्नेंस को लेकर लंबी चर्चाएं होती थीं. उनकी सोच शीशे की तरह साफ थी और वो अपनी बात को बिना किसी उलझन के रखती थीं. सबसे इमोशनल कर देने वाली याद शेयर करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि कई साल पहले जयललिता ने उन्हें पोंगल के त्योहार पर चेन्नई में लंच के लिए अपने घर बुलाया था. पीएम ने कहा कि वो प्यार और अपनापन उनके जेहन में हमेशा ताजा रहेगा.
जयललिता का सफर
वैसे, जयललिता की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी. सिनेमा के पर्दे पर राज करने वाली इस अदाकारा ने जब पॉलिटिक्स में कदम रखा, तो वहां भी अपनी धाक जमा दी. वो 1991 से 2016 के बीच कई बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. 5 दिसंबर, 2016 को उनके निधन के बाद भले ही भारतीय राजनीति का एक बड़ा चैप्टर खत्म हो गया हो, लेकिन समाज की सेवा के लिए किए गए उनके काम हमेशा याद किए जाएंगे. यही वजह है कि आज उनकी जयंती पर पूरा देश उन्हें एक ऐसी महिला के रूप में याद कर रहा है जिसने किसी भी परिस्थितियों में हार नहीं मानी.
News Source: Press Trust of India (PTI)
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