Trump on Pak-Afghanistan war: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच खूब तनातनी चल रही है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सब कुछ बढ़िया नज़र आ रहा है.
28 February, 2026
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इन दिनों से तलवारें खिंची हुई हैं. वहीं, सात समंदर पार बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वहां सब कुछ फर्स्ट क्लास नजर आ रहा है. जहां एक तरफ बॉर्डर पर गोलियां चल रही हैं, वहीं ट्रंप ने पाकिस्तान की लीडरशिप की तारीफों के ऐसे पुल बांधे हैं कि हर कोई हैरान है. ट्रंप का कहना है कि उनके पाकिस्तान के साथ रिश्ते बहुत ही शानदार हैं और वहां के नेता कमाल का काम कर रहे हैं.
तारीफों के पुल
हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रही ‘ओपन वॉर’ को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका अंदाज हमेशा की तरह बेबाक था. उन्होंने क्लियर कहा कि उनकी पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छी जमती है. ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर का जिक्र करते हुए उन्हें बेहतरीन लीडर बताया. ट्रंप ने कहा- ‘पाकिस्तान बहुत अच्छा कर रहा है. वहां एक महान प्रधानमंत्री और एक महान जनरल हैं. मैं इन दोनों का बहुत सम्मान करता हूं.’
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ट्रंप का हिंट
जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो इस लड़ाई को रोकने के लिए बीच-बचाव करेंगे, तो उन्होंने हिंट दिया कि वो दखल दे सकते हैं, लेकिन साथ ही ये भी जता दिया कि वो इस्लामाबाद के साथ अपने रिश्तों को कितनी अहमियत देते हैं. खैर, भले ही ट्रंप पाकिस्तान की पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन हकीकत ये है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर हालात काफी नाजुक हैं. अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने भी इस पर अपनी नजर बना रखी है. अंडर सेक्रेटरी एलिसन हुकर ने पाकिस्तान की विदेश सचिव आमना बलोच से बात कर जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. अमेरिका ने साफ तौर पर कहा है कि वो पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है, खासकर तब जब बात तालिबानी हमलों से निपटने की हो.
जारी हुई एडवाइजरी
इस तनाव के बीच पाकिस्तान में अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की गई है. अमेरिकी मिशन ने आगाह किया है कि बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आतंकी खतरों को देखते हुए लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों और मिलिट्री बेस से दूर रहने की सलाह दी गई है. आपको बता दें कि पाकिस्तान ने हाल ही में काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे तालिबान के गढ़ माने जाने वाले शहरों पर हवाई हमले किए हैं. पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले उन आतंकियों के खिलाफ थे जिन्हें अफगानिस्तान में पनाह मिल रही है. इस टकराव में दोनों तरफ से भारी नुकसान की खबरें हैं. जहां पाकिस्तान ने अपने 12 सैनिकों के शहीद होने की बात कही है, वहीं अफगानिस्तान ने अपने 13 लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि की है.
संकट के बादल
हालांकि, वॉर के इन बादलों के बीच उम्मीद की एक किरण भी दिख रही है. दरअसल, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का कहना है कि वो बातचीत के लिए तैयार हैं और मसलों को सुलझाना चाहते हैं. कतर एक बार फिर शांतिदूत की भूमिका में नजर आ रहा है और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है. उधर, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी हिंसा पर गहरी चिंता जताई है और दोनों पक्षों से तुरंत वॉर रोकने की अपील की है. अब देखना ये होगा कि ट्रंप की ये तारीफ वाली डिप्लोमेसी बॉर्डर पर जारी जंग को शांत करने में कितनी मदद करती है.
News Source: PTI
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