Consumer Forum: भारत की मशहूर खाद्य कंपनी हल्दीराम पर फरीदाबाद उपभोक्ता फोरम ने भारी जुर्माना ठोक दिया है. कंपनी पर एक्सपायरी डेट की मिठाई बेचने का आरोप है.
Consumer Forum: भारत की मशहूर खाद्य कंपनी हल्दीराम पर फरीदाबाद उपभोक्ता फोरम ने भारी जुर्माना ठोक दिया है. कंपनी पर एक्सपायरी डेट की मिठाई बेचने का आरोप है. अदालत ने इसे सेवा में कमी माना है, साथ ही अनुचित व्यापार का भी दोषी माना है. अदालत ने कंपनी को 30 दिनों के भीतर इन राशियों का भुगतान करने का निर्देश दिया है. मालूम हो कि हल्दीराम भारत की प्रमुख नमकीन, मिठाई और रेडी-टू-ईट (ready-to-eat) भोजन निर्माता कंपनी है. यह भुजिया, तरह-तरह की नमकीन, मिठाई, चिप्स, और पेय पदार्थ बेचती है. इसके अलावा कंपनी फ्रोज़न फूड, पापड़, कुकीज़ और रेस्तरां शृंखला के माध्यम से बना बनाया भोजन भी उपलब्ध कराती है.
फोरम ने सेवा में माना कमी
फरीदाबाद उपभोक्ता फोरम ने खाद्य कंपनी हल्दीराम मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड को एक ग्राहक को एक्सपायर्ड मिठाइयां बेचने के लिए 20,000 रुपये से अधिक का हर्जाना देने का आदेश दिया है. फोरम ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार का दोषी माना है. यह घटना पिछले साल 21 दिसंबर को हुई थी जब फरीदाबाद (हरियाणा) के निवासी निमिष अग्रवाल मिठाई खरीदने के लिए सेक्टर 16 में हल्दीराम के आउटलेट पर गए थे. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सेल्समैन ने बिलिंग के बहाने उन्हें पहली मंजिल पर भेजा और एक्सपायर हो चुकी मिठाइयों को पैक करने के लिए. जब उसने असली बॉक्स की मांग की तो विक्रेता ने उसे देने से इनकार कर दिया और निर्माण व समाप्ति तिथि छुपाने के लिए बॉक्स को फाड़ भी दिया.
शिकायत पर कर्मचारियों ने किया अभद्र व्यवहार
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि इसके बाद जब टोका गया तो माफी मांगने के बजाय कर्मचारियों ने उनके साथ बहुत अभद्र व्यवहार किया. अग्रवाल ने सेक्टर 12 में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि उन्हें बेची गई मिठाइयां 12 दिसंबर, 2025 को बनाई गई थीं और उसकी समाप्ति तिथि 19 दिसंबर, 2025 थी. शिकायत में कहा गया है कि इसका मतलब यह है कि मिठाइयां उन्हें समाप्ति तिथि के दो दिन बाद दी गईं. सुनवाई के दौरान हल्दीराम ने तर्क दिया कि इसमें सख्त गुणवत्ता नियंत्रण है और यह नियमों का अनुपालन करता है.
सबूतों के सामने कंपनी के दावे खारिज
हालांकि, आयोग ने वकील पृथ्वी राज अग्रवाल के माध्यम से शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत फोटो, वीडियो और फटे हुए डिब्बे के सबूतों के सामने कंपनी के दावे को खारिज कर दिया. उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष अमित अरोड़ा और सदस्य इंदिरा भड़ाना ने कंपनी को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथाओं का दोषी पाया और जानबूझकर एक्सपायर्ड मिठाइयां बेचने और पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ करने के लिए 15,000 रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया. आयोग ने मानसिक यातना और उत्पीड़न के लिए 3,300 रुपये और 2,200 रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया. कानूनी खर्चों के लिए आयोग ने कंपनी को 30 दिनों के भीतर इन राशियों का भुगतान करने का निर्देश दिया.
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News Source: PTI
