PM MODI: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को शिक्षा का मुख्य हिस्सा बनाएं. उन्होंने कहा कि शिक्षा को इकोनॉमी से जोड़ना उनका संकल्प है.
PM MODI: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को शिक्षा का मुख्य हिस्सा बनाएं. उन्होंने कहा कि शिक्षा को इकोनॉमी से जोड़ना उनका संकल्प है. मोदी ने स्किल डेवलपमेंट और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जरिए युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर बल दिया. कहा कि कौशल, स्वास्थ्य और शिक्षा ही प्रगति के असली माध्यम हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को ‘सबका साथ, सबका विकास: जन आकांक्षाओं की पूर्ति’ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे. यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित किया गया. सरकार का कहना है कि इस वेबिनार का उद्देश्य बजट में घोषित योजनाओं और नीतियों को जमीन पर लागू करने के लिए सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच संवाद को मजबूत करना है. उन्होंने देश के शिक्षा क्षेत्र को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया. उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर शैक्षिक ढांचे को भविष्य के अनुकूल बनाने का आह्वान किया.
जन-आकांक्षाओं की पूर्ति ही सरकार का लक्ष्य
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य संकल्प जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के बीच समन्वय इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है. वेबिनार में विभिन्न मंत्रालयों और निजी विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा को सिर्फ डिग्री तक सीमित न रखकर उसे रोजगारपरक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की आवश्यकता बताई. कहा कि यह दृष्टिकोण भारत को वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को विश्व अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को और भी तेज करने की आवश्यकता होगी. एआई और ऑटोमेशन, डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर हमें अपना ध्यान और भी अधिक बढ़ाने की आवश्यकता होगी. प्रधान मंत्री ने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित है.
युवा शोधकर्ताओं को मिले पर्याप्त अवसर
उन्होंने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश की बेटियों को इन विषयों में बहुत रुचि है. हमें एक अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहिए जहां युवा शोधकर्ताओं को नए विचारों पर काम करने के पर्याप्त अवसर मिले. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत किया गया है, आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाया है. ‘देखभाल अर्थव्यवस्था’ का जिक्र करते हुए, जिसके माध्यम से प्रशिक्षित देखभालकर्ता वरिष्ठ नागरिकों की मदद करते हैं, मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे वरिष्ठ नागरिकों की आबादी बढ़ेगी, देखभाल करने वालों की मांग भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि मैं अनुरोध करता हूं कि नए प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जाने चाहिए. मोदी ने देश की “युवा शक्ति” के बारे में भी बात की और कहा कि यह “राष्ट्रीय शक्ति” तभी बनती है जब यह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वास से भरपूर होती है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में खेल को राष्ट्रीय विकास की एक महत्वपूर्ण धारा के रूप में देखा गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहल ने देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में एक नई ऊर्जा का संचार किया है और देश भर में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है.
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News Source: PTI
