Home Top News बिना लाइसेंस बाइक चलाना पड़ा भारी: दुर्घटना के शिकार छात्र को 47 लाख रुपये देने का आदेश

बिना लाइसेंस बाइक चलाना पड़ा भारी: दुर्घटना के शिकार छात्र को 47 लाख रुपये देने का आदेश

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
बिना लाइसेंस बाइक चलाना पड़ा भारी: ट्रिब्यूनल ने दुर्घटना के शिकार छात्र को दिलाया न्याय, 47 लाख रुपये देने का आदेश

Thane Tribunal: ठाणे ट्रिब्यूनल ने 9 साल पहले दुर्घटना में दिव्यांग हुए व्यक्ति को 47 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. तमाम दलीलों को खारिज करते हुए ट्रिब्यूनल ने बाइक चालक को दोषी माना.

Thane Tribunal: ठाणे ट्रिब्यूनल ने 9 साल पहले दुर्घटना में दिव्यांग हुए युवक को 47 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. तमाम दलीलों को खारिज करते हुए ट्रिब्यूनल ने बाइक चालक को दोषी माना. ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि बाइक चालक के पास लाइसेंस भी नहीं था. ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने एक युवक को 47.28 लाख रुपये का मुआवजा दिया है. पीड़ित 2017 में एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की चपेट में आने के बाद दिव्यांग हो गया था. मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के सदस्य आरवी मोहिते ने 13 मार्च को फैसले में दोषी दोपहिया वाहन के बीमाकर्ता को पहले पीड़ित युवक को राशि का भुगतान करने और बाद में वाहन मालिक से इसे वसूलने का आदेश दिया. क्यों कि बाइक चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने के कारण बीमा शर्तों का उल्लंघन हुआ था.

सड़क पार करते समय हुआ था हादसा

हादसे के वक्त पीड़ित अब्दुल गफूर मोहम्मद अल्ताफ शेख की उम्र 20 वर्ष थी. वह स्नातक वाणिज्य के छात्र थे. जब वह एक फ्लाईओवर रोड पार कर रहे थे तभी एक मोटरसाइकिल चालक ने उन्हें महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा भयंदर में टक्कर मार दी. शेख को सिर, नाक और फीमर के कई फ्रैक्चर के साथ-साथ आंखों में भी गंभीर चोटें लगीं. ट्रिब्यूनल ने कहा कि पीड़ित ने कई अस्पतालों में इलाज कराया, जिसमें 25 लाख रुपये से अधिक का खर्च आया. जबकि पीड़ित ने 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी. ट्रिब्यूनल ने उसकी दिव्यांगता का आकलन 35 प्रतिशत किया. मोटरसाइकिल मालिक ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं हुआ और मामले का फैसला उसके खिलाफ एकतरफा कर दिया गया. दुर्घटना की गंभीरता पर विचार करते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि मोटरसाइकिल चालक ने तेजी से और लापरवाही से गाड़ी चलाई.

बाइक सवार के पास नहीं था ड्राइविंग लाइसेंस

ट्रिब्यूनल ने यह भी नोट किया कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल सवार के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने कहा कि इस प्रकार बाइक सवार द्वारा बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों का उल्लंघन किया गया है. न्यायाधिकरण ने याचिका की तारीख (18 अप्रैल, 2019) से राशि की वसूली तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ 47.28 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया. मुआवजे में आय के नुकसान के लिए 11.34 लाख रुपये, भविष्य की संभावनाओं के लिए 4.53 लाख रुपये, 25.19 लाख रुपये शामिल है. ये मुआवजा अस्पताल में भर्ती, फिजियोथेरेपी, दर्द और पीड़ा व परिचारक शुल्क के लिए है. ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि मुआवजे के 10 लाख रुपये तीन साल के लिए सावधि जमा में निवेश किए जाएं. इसके बाद शेष रकम सीधे पीड़ित के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाए.

ये भी पढ़ेंः दिल्ली हाईकोर्ट से केजरीवाल को झटका: जज बदलने की याचिका हुई खारिज, सोमवार को होगी सुनवाई

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?