RBI Shift Gold to India: RBI ने 104.23 मीट्रिक टन वापस भारत में ट्रांसफर किया है, जो विदेशी बैंकों में रखा गया था. जानें अभी भारत के पास कितना सोना है और विदेशों में सोना क्यों रखा जाता है.
1 May, 2026
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मार्च 2026 को खत्म हुए छह महीनों में अपनी 104.23 मीट्रिक टन सोने की होल्डिंग को देश में ही शिफ्ट किया है. गुरुवार को शेयर की गई फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व की छमाही रिपोर्ट के मुताबिक, 104.23 मीट्रिक टन सोना भारतीय तिजोरियों में शिफ्ट कर दिया गया है. बता दें, आमतौर पर सभी देश अपना सोना सुरक्षा या ट्रेडिंग के लिहाज से विदेशों में रखते हैं, जैसे- बैंक ऑफ इंग्लैंड या न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व.
अभी विदेश में भारत का कितना सोना
सितंबर में, RBI ने बताया था कि बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के पास 290.37 मीट्रिक टन सोना है, जबकि 13.99 मीट्रिक टन सोना रिजर्व के तौर पर रखा गया है. इसमें यह भी बताया गया कि 104.23 मीट्रिक टन शिफ्ट करने के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फ़ॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के पास 197.67 मीट्रिक टन सोना सेफ कस्टडी में है, जबकि मार्च 2026 तक 2.80 मीट्रिक टन सोना रिजर्व के तौर पर रखा गया है. कीमती धातुओं की कीमतों में उछाल के कारण भारत के विदेशी मुद्रा रिजर्व में सोने का हिस्सा मार्च में छह महीने पहले के 13.92 प्रतिशत से बढ़कर 16.7 प्रतिशत हो गया.
भारत के पास कितना सोना?
रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल बैंक की कुल सोने की होल्डिंग मार्च 2026 में थोड़ी बढ़कर 880.52 MT हो गई, जो सितंबर 2025 के आखिर में 880.18 MT थी. इसमें कहा गया है कि देश में रखे गए सोने की मात्रा मार्च 2026 में 290.37 MT थी. वहीं पिछले साल सितंबर में यह 575.82 MT और मार्च 2025 में 511.99 MT थी. भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए और सोने की जरूरत है, इसलिए विदेशों से सोना वापस लाया जा रहा है. भारत अपने सोने के भंडार को बढ़ाना चाहता है और इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करना चाहता है.
विदेशों में सोना क्यों रखते हैं देश
भारत समेत दुनियाभर के देश अपना सोना विदेशी बैंकों में रखते हैं, इसका मुख्य कारण है सुरक्षा. अगर किसी आपदा के दौरान भारत में राजनीतिक और आर्थिक हालात बिगड़ भी जाते हैं, तो भी विदेश में रखा सोना सुरक्षित रहेगा. वहीं, भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सोने के भंडार को नुकसान हो सकता है. विदेश में सोना रखने से सुरक्षा और पक्की होती है. इसके अलावा, विदेश में सोने का भंडार बढ़ाने से इंटरनेशनल ट्रेड में मदद मिलती है. सोने का इस्तेमाल दूसरे देशों से लोन लेने या इंपोर्ट के लिए पेमेंट करने में किया जा सकता है. विदेश में रखे सोने पर ज़्यादा ब्याज भी मिलता है, जिससे भारत को फायदा होता है.
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News Source: PTI
