Delhi Crime : दिल्ली के कंझावला थाना से हैरान कर देने वाला सामने आया है. एक ससुर ने अपने दामाद की लाठी डंडों से पीट-पीटकर हत्या करवा दी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी नेपाल भागने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस ने दबोच लिया.
- दिल्ली से प्रशांत त्रिपाठी की रिपोर्ट
Delhi Crime : दिल्ली के कंझावला थाना पुलिस ने दामाद की हत्या करके फरार ससुर को दबोच लिया है. इस कलयुगी ससुर ने अपने दामाद की 30,000 के लिए लाठी डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. सबसे बड़ी बात यह है कि आरोपी के गिरफ्तारी में पुलिस ने पुराने और ट्रेडिशनल पुलिसिंग का इस्तेमाल किया क्योंकि आरोपी मोबाइल या किसी टेक्निकल इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल नहीं करता था. बिहार पुलिस की मदद से वर्कआउट हुए इस केस में आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में था लेकिन वह दांव पेच में फंस गया और पुलिस की गिरफ्त में आ गया.
पैसे के लेनदेन से शुरू हुआ झगड़ा
दिल्ली की रोहिणी जिला अंतर्गत कंझावला थाना पुलिस ने पैसे के लेनदेन में हुए एक हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी ससुर को गिरफ्तार कर लिया है. रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल से मिली जानकारी के अनुसार, बीती 16 मार्च को कंझावला थाना इलाके में एक ससुर दिनेश शर्मा और दामाद अगल्लू (55 वर्ष) में पैसे के लेनदेन को लेकर झगड़ा हो गया था. इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई और दोनों ने एक दूसरे पर डंडे तक से हमला कर दिया. इस दौरान आरोपी ससुर ने अपने दामाद के सिर में डंडा मार दिया और दामाद को अस्पताल में भर्ती कराना. वहीं, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है. बता दें कि आरोपी ससुर मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और उसकी उम्र 70 साल बताई जा रही है.
पुलिस के लिए आरोपी को पकड़ना बना चुनौती
इस मामले में आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था क्योंकि पुलिस के पास कोई टेक्निकल सर्विलांस जैसा सपोर्ट नहीं था. आरोपी किसी भी तरह का कोई मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर रहा था ऐसे में पुलिस के लिए इस आरोपी को पकड़ना एक चुनौती थी. इसके बाद DCP के सुपरविजन में एसीपी कंझावला सार्थक और SHO कंझावला कृष्ण कुमार समेत तकरीबन 40 पुलिसकर्मी इस पूरे मामले में आरोपी को पकड़ने में जुट गए. इसी कड़ी में कंझावला थाने की टीम ने उड़ीसा, कर्नाटक और बिहार में जाकर रेड की. जहां पुलिस को पता चला कि आरोपी बिहार का रहने वाला है तो वह बिहार में जाकर भी शरण भी ले सकता है और वहीं से बिहार के रास्ते नेपाल फरार हो सकता है. इसके बाद पुलिस ने नेपाल पुलिस से भी संपर्क साधा और खुद एसीपी और एसएसओ कई दिन तक अपनी टीम के साथ आरोपी को पकड़ने के लिए बिहार में मौजूद रहे.
आरोपी दिल्ली वापस आया
रोहिणी जिला पुलिस और बिहार पुलिस की इस जबरदस्त नाकाबंदी से परेशान होकर आखिरकार आरोपी दिल्ली वापस आ गया और वही वह अपने एक जानकारी से पैसे लेने के लिए पहुंचा जहां पर पुलिस पहले से ही उसका इंतजार कर रही थी. आरोपी के आते ही पुलिस ने उसे धर दबोचा. इस पूरे मामले में पुलिस ने पुराने और ट्रेडिशनल तरीके से आरोपी को गिरफ्तार कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. आज के समय में जिस तरह से आरोपियों को पुलिस टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इनपुट की सहायता से पकड़ती है ऐसे में इस आरोपी के लिए पुलिस के पास किसी तरह की कोई टेक्निकल सपोर्ट या कोई लोकल इनपुट नहीं था लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्परता दिखाते हुए आखिरकार आरोपी को घटना के महज़ चंद दिनों बाद ही गिरफ्तार कर लिया.
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