Share Market: कुछ दिनों की तगड़ी गिरावट के बाद आज यानी मंगलवार को शेयर मार्केट में हरियाली देखने को मिली है. इसकी सबसे बड़ी वजह हैं डोनाल्ड ट्रंप. आप भी जानें पूरी डिटेल.
24 March, 2026
मंगलवार की सुबह भारतीय शेयर मार्केट के लिए किसी तोहफे से कम नहीं रही. सोमवार की भारी गिरावट के बाद, बाजार ने ऐसी शानदार वापसी की है कि इन्वेस्टर्स के चेहरे खिल गए. सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में ही लंबी छलांग लगाई, जिससे दलाल स्ट्रीट पर रौनक वापस लौट आई है. इस अचानक आई तेजी के पीछे कोई और नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी अनाउंसमेंट है. यानी ट्रंप के एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ ने ग्लोबल मार्केट में जोश पैदा कर दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप का कमाल
बाजार में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का एक ऐलान है, जिसमें उन्होंने ईरान पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टाल दिया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उन्होंने ईरान को Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए और टाइम दिया है. ये रास्ता तेल और गैस की सप्लाई के लिए दुनिया का सबसे खास समुद्री मार्ग माना जाता है. ट्रंप के इस नरम रुख से दुनिया भर के बाजारों ने राहत की सांस ली है. इन्वेस्टर्स में उम्मीद जगी है कि मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब शायद कम होगा, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आएगी.
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
आज सुबह शेयर मार्केट खुलते ही बीएसई सेंसेक्स 1,516 अंक उछलकर 74,212.47 के लेवल पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी ने भी 386.95 अंकों की बढ़त के साथ 22,899.60 का लेवल छू लिया. सोमवार को जहां बाजार बुरी तरह टूटकर बंद हुआ था, वहीं आज हर तरफ ग्रीन निशान नजर आ रहा है. इस तेजी में कई बड़ी कंपनियों का जलवा रहा. इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियां मुनाफे की रेस में सबसे आगे रहीं. सिर्फ पावर ग्रिड ही एक ऐसा शेयर था जो लाल निशान में ट्रेड कर रहा था.
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कच्चे तेल की कीमत
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. इसका सीधा असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ता है. ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 103-104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया. तेल सस्ता होने का मतलब है कि आने वाले टाइम में महंगाई के मोर्चे पर राहत मिल सकती है, जिससे शेयर बाजार में रिस्क लेने वाले इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ये भी वॉर्निंग दे रहे हैं कि हालात अभी पूरी तरह सुधरे नहीं हैं. वहीं, ईरान की तरफ से आने वाले बयानों पर बाजार की पैनी नजर रहेगी.
रुपये की चाल
एक तरफ जहां शेयर मार्केट में जश्न का माहौल है, वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ है. मंगलवार को रुपया 20 पैसे गिरकर 93.73 के लेवल पर पहुंच गया. इसकी सबसे बड़ी वजह डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना और फॉरेन इन्वेस्टर्स का बाजार से पैसे निकालना है. फॉरेन इन्वेस्टर्स ने सोमवार को करीब 10,414 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, लेकिन इंडियन इन्वेस्टर्स ने 12,033 करोड़ रुपये की खरीदारी करके शेयर मार्केट को संभाले रखा.
कॉरपोरेट दुनिया
वैसे, शेयर बाजार की इस हलचल के बीच कुछ कंपनियों ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा. सुजलॉन ग्रुप को गेल (GAIL) से 100 मेगावाट का छठा बड़ा ऑर्डर मिला है, जिससे इसके शेयर्स में तेजी देखी गई. वहीं, आईपीओ मार्केट में ‘जीएसपी क्रॉप साइंस’ की धमाकेदार एंट्री हुई. इसके शेयर एनएसई पर 2.5 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 328 रुपये पर लिस्ट हुए. देखा जाए तो, आज का दिन इन्वेस्टर्स के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है. दुनिया भर में चल रहे तनाव में आई इस मामूली कमी ने मार्केट के मूड को पूरी तरह बदल दिया है. अब देखना ये होगा कि क्या ये तेजी हफ्ते के अंत तक बनी रहती है या फिर नहीं.
News Source: PTI
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