Home Religious Navratri Day 8: अष्टमी पर मां महागौरी से मांगे ज्ञान और शांति, पूजा के बाद पढ़ें यह आरती

Navratri Day 8: अष्टमी पर मां महागौरी से मांगे ज्ञान और शांति, पूजा के बाद पढ़ें यह आरती

by Neha Singh
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Ashtami Puja Mantra

Ashtami Puja Mantra : नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, जो आज यानी 26 मार्च को है. चलिए जानते हैं मां महागौरी कौन हैं, माता का मंत्र और आरती क्या है .

26 March, 2026

पूरे देश में नवरात्रि की धूम है. आज अष्टमी के दिन घरों में कन्या पूजन किया जाता है. चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि में नौ दिन मां के अलग-अलग रूपों को समर्पित हैं. हर रूप के अपने गुण हैं, जो आपको शक्ति और शांति देते हैं. पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है. तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है. चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित होता है. पांचवा दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है, नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित है, सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. वहीं आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, जो आज यानी 26 मार्च को है. चलिए जानते हैं मां महागौरी कौन हैं, माता का मंत्र और आरती क्या है .

कौन हैं मां महागौरी

मां महागौरी पवित्रता, शांति और ज्ञान की देवी हैं. वह मां दुर्गा का आठवां रूप हैं और नवरात्रि के आठवें दिन महा अष्टमी पर उनकी खास पूजा की जाती है. “महा” का मतलब है महान, और “गौरी” का मतलब है सफेद या गोरा रंग. उनका रूप बहुत चमकदार है, जो मन और आत्मा की पवित्रता का प्रतीक है. मां महागौरी का वाहन बैल (वृषभ) है और वह सफेद वस्त्र पहनती हैं, जो स्थिरता और शांति का प्रतीक है. मां का दाहिना ऊपरी हाथ भक्तों को आशीर्वाद देता है और निचला हाथ में मां त्रिशूल धारण किया है. वहीं मां के बाएं ऊपरी हाथ में डमरू है, जो ध्वनि और प्रतीक है और बायां निचला हाथ वरद मुद्रा में है, जिससे मां अपने भक्तों को वरदान देती हैं.

मां महागौरी का प्रिय रंग और भोग

नवरात्रि के आठवां दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनने चाहिए, यह रंग मां को प्रिय है. मां को नारियल बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा के दौरान उन्हें नारियल की खीर का भोग जरूर लगाएं. इसके अलावा आप मां को मोगरा के या सफेद फूल जरूर अर्पित करें. पूजा के दौरान मंत्रों का जाप किया जाता है. साथ ही, पूजा का समापन आरती के साथ किया जाता है, इसलिए मां की पूजा करते समय मंत्र का जाप करें और आरती पढ़ें.

महागौरी की आरती

जय महागौरी जगत की माया।
जय उमा भवानी जय महामाया॥
हरिद्वार कनखल के पासा।
महागौरी तेरा वहां निवासा॥
चंद्रकली और ममता अंबे।
जय शक्ति जय जय मां जगदंबे॥
भीमा देवी विमला माता।
कौशिकी देवी जग विख्याता॥
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥
सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया।
उसी धुएं ने रूप काली बनाया॥
बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥
तभी मां ने महागौरी नाम पाया।
शरण आने वाले का संकट मिटाया॥
शनिवार को तेरी पूजा जो करता।
मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥
भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।
महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो॥

प्रार्थना मंत्र: श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

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