Delhi Police: दिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम साइबर सेल ने एक शातिर जालसाज आनंद कुमार को गिरफ्तार किया है.
Delhi Police: दिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम साइबर सेल ने एक शातिर जालसाज 35 वर्षीय आनंद कुमार को गिरफ्तार किया है. उसने देशभर की 500 से अधिक महिलाओं से 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है. आरोपी खुद को डॉक्टर, वकील, फिल्म निर्माता या सफल व्यवसायी बताकर डेटिंग और वैवाहिक ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाता था. डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने बताया कि आरोपी कुमार महिलाओं को शादी के वादे और झूठी भावनात्मक कहानियों में फंसाकर उनका विश्वास जीतता था. एक बार संपर्क स्थापित होने के बाद वह अक्सर ‘हनी-ट्रैपिंग’ और ब्लैकमेल का सहारा लेकर उनसे पैसे वसूलता था. वह अपनी पहचान बदलने और खुद को एक प्रभावशाली व्यक्ति दिखाने में माहिर था.
कई फर्जी पहचान पत्र बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से कई फर्जी पहचान पत्र और गैजेट्स बरामद किए हैं. फिलहाल पुलिस इस संगठित नेटवर्क के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी दोस्ताना बातचीत शुरू करता था और धीरे-धीरे कुछ दिनों या हफ्तों में पीड़ितों के साथ भावनात्मक संबंध बनाता था. विश्वास स्थापित करने के बाद वह पहचान से बचने के लिए कई मोबाइल नंबरों का उपयोग करके संचार को निजी मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म पर स्थानांतरित कर देता था. अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने अपना आकर्षक प्रोफाइल तैयार किया और एक ही समय में कई महिलाओं के साथ बातचीत की.
भरोसे में लेकर महिलाओं को ठगा
आरोपी ने भावनात्मक कमजोरियों का फायदा उठाया, जिससे महिलाओं का उस पर भरोसा हो गया. कई मामलों में आरोपी ने महिलाओं को लुभाने के लिए शादी या मॉडलिंग असाइनमेंट या प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश जैसे आकर्षक अवसरों का भी वादा किया. अधिकारी ने कहा कि एक मामले में वैभव अरोड़ा नाम से संचालित एक फर्जी प्रोफ़ाइल द्वारा संपर्क किए जाने के बाद एक महिला से लगभग 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी. आरोपी ने शुरू में डेटिंग ऐप पर महिला से दोस्ती की और बाद में शादी का वादा करते हुए रोमांटिक रिश्ता बनाया. पुलिस ने कहा कि आरोपी कुमार ने बाद में वित्तीय संकट बताते हुए पीड़िता से पैसे मांगे. पीड़िता ने पैसे दे दिए. जब पीड़िता ने अपने पैसे मांगना शुरू किया तो आरोपी ने जवाब देना बंद कर दिया. फोन भी बंद कर दिया. इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की गई है.
पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया आरोपी
एक टीम ने आरोपी का पता लगाने के लिए मनी ट्रेल, बैंक खातों की जांच की. आरोपी को 22 मार्च को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया था. जांच में यह भी पता चला कि वित्तीय धोखाधड़ी के अलावा आरोपी पीड़ितों द्वारा साझा की गई निजी सामग्री का फायदा उठाकर जबरन वसूली में भी शामिल था. ऑनलाइन बातचीत के दौरान वह महिलाओं को व्यक्तिगत तस्वीरें और वीडियो साझा करने के लिए मनाता था, जिसे बाद में वह उन्हें पैसे देने से इनकार करने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उजागर करने की धमकी देता था. पुलिस ने कहा कि आरोपी कुमार कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड का उपयोग करता था. पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वह बार-बार डिवाइस और अकाउंट बदलता रहता था.
दिल्ली और गाजियाबाद में भी ठिकाना
पूछताछ और उसके डिवाइस की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि वह एक साथ कई फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था. उसके नेटवर्क कई राज्यों में फैले हुए थे. पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी ने 500 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाया था और लगभग 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और उगाही की थी. दिल्ली और गाजियाबाद में भी उसका ठिकाना था. पुलिस ने उसके पास से चार स्मार्टफोन, आठ सिम कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, कंगन और चेन सहित सोने के आभूषण भी बरामद किए. अधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी के पैसे ऑनलाइन गेमिंग और व्यक्तिगत खर्चों पर खर्च किए गए थे.
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News Source: PTI
