Self Enumeration Process: सेंसस 2027 के तहत खुद से गणना करने की प्रक्रिया शुक्रवार 1 मई से देश की राजधानी में शुरू हो गया है. यहां आपको स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप बताई गई है.
1 May, 2026
देश के ज्यादातर राज्यों में 1 अप्रैल से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अधिकारी आपके घर आकर सभी जानकारी लेंगे. लेकिन आपको स्व-गणना (Self Enumeration) का भी विकल्प दिया गया है. सेंसस 2027 के तहत खुद से गणना करने की प्रक्रिया शुक्रवार 1 मई से देश की राजधानी में शुरू हो गया है. लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई लोगों ने पहले ही दिन यह काम पूरा कर लिया. स्व-गणना का समय 1 मई से 15 मई तक ही है. इसके बाद आप स्व-गणना नहीं कर सकते.
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन खुद से गिनती करने के बाद कहा कि यह प्रोसेस आसान और पूरी तरह से सुरक्षित है. उन्होंने दिल्ली के लोगों से खुद से गिनती करने में हिस्सा लेने की अपील की और बताया कि सही जानकारी और डेटा से हर जरूरतमंद को फायदा पहुंचाने के लिए सही पॉलिसी बनाने का रास्ता बनता है.
डिजिटल पहल है फायदेमंद
यह डिजिटल-फर्स्ट पहल लोगों को सीधे अपने घर की डिटेल्स जमा करने की सुविधा देती है, जिससे यह पक्का करने में मदद मिलती है कि हर रहने वाले की गिनती सही तरीके से हो. इसके साथ ही यह उन घरों के लिए भी फायदेमंद है, जहां सभी लोग ऑफिस जाते हैं और अधिकारियों को जानकारी नहीं दे सकते. अधिकारियों ने बताया कि MCD वार्ड के सभी रहने वाले, चाहे उनका डोमिसाइल स्टेटस कुछ भी हो, सेंसस पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी मर्जी से खुद से गणना कर सकते हैं. हर घर के लिए सिर्फ एक लॉगिन की जरूरत होगी और परिवार का मुखिया या कोई दूसरा सदस्य मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके यह प्रोसेस पूरा कर सकता है.

स्व-गणना का प्रोसेस
- पोर्टल तक पहुंचने के लिए https://se.census.gov.in पर जाएं.
- ड्रॉप-डाउन सूची से अपना राज्य/संघ राज्य क्षेत्र चुनें तथा आगे बढ़ने के लिए कैप्चा दर्ज करें.
- अब परिवार के मुखिया का नाम दर्ज करें. एक बार पंजीकरण होने के बाद इस नाम को बदला नहीं जा सकेगा.
- परिवार के किसी भी सदस्य का मोबाइल नंबर दर्ज करें.
- प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग किया जाना चाहिए और वह नंबर किसी अन्य परिवार के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता.
- आप अपनी स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) ई-मेल के जरिए पाने के लिए एक ई-मेल आईडी भी डाल सकते हैं.
- इसके बाद अपनी भाषा. ध्यान रहे इसे बाद में बदला नहीं जाएगा.
- मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को वेरिफाई करें.
- इसके बाद जिला, पिन कोड, गांव/नगर और लैंडमार्क भरें.
- अब ‘सर्च’ पर क्लिक करके लोकेशन के लाल मार्कर को मैप में अपने घर के सटीक पॉइंट पर लाएं. इसके बाद सबमिट पर क्लिक करें.
- अब मकान नंबर और अपने घर की जुड़ी सभी डिटेल्स को भरें.
- एक बार सभी डिटेल की दोबार जांच कर लें, क्योंकि बाद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
- डिटेल्स जमा करने के बाद एक 11-डिजिट की सेल्फ-एन्यूमरेशन SE ID बनेगी, जो आपके मोबाइल नंबर पर आएगी या ई-मेल पर आएगी.
- जब सेंसस एन्यूमरेटर आपके घर आएं, तो उन्हें यह SE ID दिखानी होगी.
16 मई से होगी हाउसलिस्टिंग
एन्यूमरेटर 16 मई से 14 जून तक हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग ऑपरेशन के तहत रिकॉर्डिंग के लिए घर-घर जाएंगे. अधिकारियों ने बताया कि सेंसस के काम से जुड़ी मदद के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) दी गई है. MCD के 250 वार्ड हैं जिनमें 1 मई से 15 मई तक सेल्फ-एन्यूमरेशन होगा. सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल हिंदी, इंग्लिश, बंगाली, तमिल और उर्दू समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें एक्यूरेसी को बेहतर बनाने के लिए पहले से FAQs, टूलटिप्स और वैलिडेशन चेक शामिल हैं.
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News Source: PTI
