West Bengal : पश्चिम बंगाल में चुनावी रुझानों में बीजेपी ने काफी बढ़त हासिल कर ली है. इसी बीच एक शख्स की खूब चर्चा हो रही है और वह हुमायूं कबीर. इस बार उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा है.
West Bengal : पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की अभूतपूर्व लहर के बीच सोशल मीडिया पर एक टॉपिक पर गजब का ट्रेंड हो रहा है. बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवाने की घोषणा करने वाले हुमायूं कबीर इस बार दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं. खास बात यह है कि वह अभी तक इन दोनों ही सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. बता दें कि हुमायूं कबीर बीते कुछ महीने पहले तक तृणमूल कांग्रेस के नेता और विधायक थे लेकिन चुनाव से पहले ही उन्होंने अलग राह पकड़ ली.
बाबरी मस्जिद से आए विवादों में
राज्य की राजनीति में हुमायूं उस वक्त चर्चाओं में आ गए थे जब उन्होंने बाबरी मस्जिद बनवाने का ऐलान कर दिया था. इसके बाद ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी से निष्कासित कर दिया और वह उस वक्त भरतपुर से विधायक थे. हुमायूं कबीर ने बाबरी विध्वंस की बरसी 6 दिसंबर, 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनवाने की नींव रख दी. इसके बाद 11 फरवरी को उन्होंने मस्जिद का निर्माण भी करवाना शुरू कर दिया और इस दौरान लोग भारी मात्रा में ईंट लेकर भी पहुंचने लगे. इस मुद्दे को हवा मिलने के बाद बंगाल में सांप्रदायिकता चरम पर पहुंच गई और फिर बीजेपी ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रचार करना शुरू कर दिया. इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी कह दिया था कि वह देश में एक बार फिर बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे.
दो सीटों पर लड़ रहे हैं चुनाव
हुमायूं कबीर दो सीटों रेजीनगर और नौदा से चुनाव लड़ रहे हैं और दोनों ही सीटों पर वह शानदार बढ़त बनाए हुए हैं. अगर वह इन सीटों पर इसी तरह बढ़त बनाए रहते हैं तो आसानी से जीत दर्ज कर लेंगे. रेजीनगर नगर से हुमायूं 38264 के अंतरों से आगे चल रहे हैं और नौदा से 26173 वोटों के अंतरों से आगे चल रहे हैं, ऐसे में वह जीत काफी करीब हैं. इसी बीच कहा जा रहा है कि अगर वह दोनों से जीत दर्ज कर लेते हैं तो उनका बाबरी मस्जिद वाला मुद्दा चल गया है और वह आने वाले चुनाव में इस प्रभाव को बढ़ाने की भी कोशिश करेंगे.
नतीजों पर क्या बोले कबीर
हुमायूं कबीर ने चुनावी रुझान को लेकर कहा कि आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने सोमवार के पश्चिम बंगाल के लोगों को विधानसभा चुनाव में टीएमसी को नकारने के लिए जनता को बधाई. उन्होंने दीदी पर बंगाल लूटने का भी आरोप लगाया. उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि मैं क्या कह सकता हूं, चुनाव में जो हुआ वह सही हुआ. ममता बनर्जी तीन बार मुख्यमंत्री चुनी गई हैं और इस दौरान उन्होंने भतीजे को सबसे ज्यादा ताकत दे दी. उन्होंने जनता के साथ धोखा किया और सरकार में रहते हुए खूब पैसा लूटने का काम किया. साथ ही 15 साल के कार्यकाल में उन्होंने पश्चिम बंगाल को इतना लूटा कि अंग्रेजी हुकूमत के 100-200 साल के राज को भी पीछे छोड़ दिया.
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News Source: PTI
