Stock Market Updates: आज सुबह जब शेयर मार्केट खुली तो, हरियाली देखकर इन्वेस्टर्स के चेहरे खिल गए. अगर आप भी मार्केट में दिलचस्पी रखते हैं, तो जान लें इस छलांग की वजह.
04 May, 2026
सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी त्योहार से कम नहीं रही. पिछले कुछ दिनों की सुस्ती और उतार-चढ़ाव को पीछे छोड़ते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने आज ऐसी रफ्तार पकड़ी कि इन्वेस्टर्स के चेहरे खिल उठे. सेंसेक्स करीब 990 अंकों की जबरदस्त बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है. वहीं, निफ्टी भी 24,300 के ऐतिहासिक लेवल के काफी करीब पहुंच गया है. बाजार की इस हरियाली ने साबित कर दिया है कि भारतीय इकोनॉमी के सितारे इस टाइम बुलंदियों पर हैं.
क्यों झूमा शेयर बाजार?
बाजार की इस तेजी के पीछे कई बड़े और पॉजिटिव कारण हैं. पहला है रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन. दरअसल, अप्रैल 2026 में भारत का जीएसटी कलेक्शन अब तक के सबसे हाई लेवल यानी 2.43 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. ये आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 8.7% ज्यादा है, जो देश में बढ़ते व्यापार और आर्थिक मजबूती का पुख्ता सबूत है. दूसरा कारण है, मारुति और बजाज ऑटो की धुआंधार बिक्री. ऑटो सेक्टर के दिग्गजों ने अप्रैल महीने के जो आंकड़े पेश किए हैं, उन्होंने बाजार में जोश भर दिया है. मारुति सुजुकी ने अब तक की सबसे ज्यादा मंथली सेल (2.39 लाख यूनिट्स) का रिकॉर्ड बनाया है. वहीं, बजाज ऑटो की बिक्री में भी 40% का भारी उछाल देखा गया है. साथ ही चौथी तिमाही के शानदार नतीजे भी इस हरियाली की वजह बने. एवररेडी इंडस्ट्रीज का मुनाफा 14 गुना बढ़ गया है, वहीं कापरी ग्लोबल और ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी दमदार आंकड़े पेश किए हैं.
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सुपरस्टार्स’ और ‘लूजर्स’
आज के कारोबार में मारुति सुजुकी, अडाणी पोर्ट्स, बजाज ऑटो और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) जैसे शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हैं. ऑटो, एफएमसीजी (FMCG), और पावर सेक्टर के इंडेक्स 1% से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं. दूसरी तरफ, कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में करीब 5% की गिरावट देखी गई है. अडाणी एंटरप्राइजेज और ओएनजीसी (ONGC) भी आज थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं.
वोडाफोन-आइडिया को राहत
टेलीकॉम सेक्टर से एक बड़ी खबर आई है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने वोडाफोन-आइडिया के एजीआर (AGR) बकाये में करीब 23,649 करोड़ रुपये की भारी कटौती की है. अब कंपनी को 87,695 करोड़ के बजाय 64,046 करोड़ रुपये चुकाने होंगे. कंपनी को यह भुगतान 2031 से 2041 के बीच आसान किश्तों में करना होगा, जिससे कंपनी की माली हालत सुधरने की उम्मीद जगी है.
कच्चे तेल का हाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है. ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में फंसे जहाजों को निकालने में मदद करेगा. इस बयान के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं, जिससे भारतीय बाजार को राहत मिली है. इसके अलावा भले ही फॉरेन इन्वेस्टर्स (FIIs) ने पिछले सेशन में 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे हों. लेकिन घरेलू निवेशकों (DIIs) के भरोसे और शानदार आर्थिक आंकड़ों ने बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है.
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