US Pause Project Freedom: डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर सुरक्षित जहाजों को ले जान वाले “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को रोक दिया है. इसके साथ ही मार्को रूबियो ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के खत्म होने का भी ऐलान किया था.
6 May, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से पर चल रहे “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को सस्पेंड कर दिया है. उन्होंने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक एग्रीमेंट की दिशा में बातचीत में प्रोग्रेस हुई है. मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “ईरान के रिप्रेजेंटेटिव के साथ एक पूरे और फाइनल एग्रीमेंट की दिशा में काफी प्रोग्रेस हुई है.”
ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तान और दूसरे देशों की रिक्वेस्ट, ईरान देश के खिलाफ कैंपेन के दौरान हमें मिली जबरदस्त मिलिट्री सक्सेस और इसके अलावा, इस बात के आधार पर कि ईरान के रिप्रेजेंटेटिव के साथ एक पूरे और फाइनल एग्रीमेंट की दिशा में काफी प्रोग्रेस हुई है, हम आपसी सहमति से इस बात पर सहमत हुए हैं कि, जब तक ब्लॉकेड पूरी तरह से लागू रहेगा, प्रोजेक्ट फ्रीडम को थोड़े समय के लिए रोक दिया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि एग्रीमेंट को फाइनल किया जा सकता है और उस पर साइन किया जा सकता है या नहीं.”
दो दिन पहले शुरु हुआ था प्रोजेक्ट
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार को प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया गया था. ट्रंप ने रविवार को ऑपरेशन की घोषणा की थी और US सेंट्रल कमांड ने अगले दिन इसे लागू करना शुरू कर दिया था. लेकिन, इस प्रोजेक्ट की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते के आस-पास टकराव हुआ. UAE ने दावा किया कि ईरान ने उसके जहाजों पर हमला किया. US ने भी कई ईरानी छोटी नावों को नष्ट करने का दावा किया. अब ट्रंप ने इस प्रोजेक्ट को रोक दिया है.
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप के बयान से पहले US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने ऐलान किया था कि 28 फरवरी को शुरू किया गया ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म हो गया है और उसके मकसद पूरे हो गए हैं. रुबियो ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म हो गया है. हमने उस ऑपरेशन के मकसद पूरे कर लिए हैं. हम किसी और स्थिति के आने का इंतजार नहीं कर रहे हैं. हम शांति का रास्ता पसंद करेंगे. बता दें, एपिक फ्यूरी का उद्देश्य ईरान की नौसेना और परमाणु उत्पादन को नष्ट करना था.
प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है
प्रोजेक्ट फ्रीडम पर, रुबियो ने कहा कि इसका मकसद 87 अलग-अलग देशों के लगभग 23,000 आम लोगों को बचाना था जो फारस की खाड़ी में फंस गए थे और ईरानी सरकार ने उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया था. रुबियो ने कहा, “यह कोई अटैकिंग ऑपरेशन नहीं है. यह एक डिफेंसिव ऑपरेशन है और इसका मतलब बहुत आसान है: जब तक हम पर पहले गोली न चले, तब तक कोई शूटिंग नहीं होगी. हम उन पर अटैक नहीं कर रहे हैं, लेकिन अगर वे हम पर या किसी शिप पर अटैक कर रहे हैं, तो आपको उसका जवाब देना होगा.”
सीजफायर लागू
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चित काल के लिए सीजफायर लागू है. ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 14 पॉइंट का नया शांति प्रस्ताव भेजा है. इसमें 30 दिनों के अंदर युद्ध खत्म करना, US सेना को वापस बुलाना और ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करना जैसी शर्तें शामिल हैं. हालांकि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अभी भी तस्वीर साफ नहीं हुई है. अब देखना होगा कि शांति समझौते का अंतिम चरण पूरा होने के बाद दोनों देश इस पर हस्ताक्षर करते हैं या नहीं.
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News Source: PTI
