Supreme Court : उद्योगपति संजय कपूर इस दुनिया में नहीं रहे हैं लेकिन उनकी संपत्ति को लेकर मां और पत्नी के बीच विवाद गहरा गया है. इसी बीच SC ने इस मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का सुझाव दिया है.
Supreme Court : दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया है. यह फैसला जस्टिस जेबी पारडीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच लिया है. अब पूर्व CJI 80 वर्षीय रानी कपूर और उनकी बहू प्रिया सचदेव कपूर के बीच 30,000 हजार करोड़ की सपंत्ति का सुलझाने का काम करेंगे. कोर्ट ने यह भी कहा कि संपत्ति का निपटारा करने के लिए परिवार के सभी सदस्य डीवाई चंद्रचूड़ के पास जा सकते हैं. साथ ही शीर्ष अदालत ने परिवार के सदस्यों से सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की बयानबाजी करने से दूरी बनाने का आग्रह भी किया है.
मामला रहेगा परिवार तक सीमित
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता रानी कपूर की ज्यादातर उम्र को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का आग्रह किया था. साथ ही कोर्ट ने मामले को सुलझाने के लिए पूर्व CJI को मध्यस्थता के लिए नियुक्त किया और परिवार के सदस्यों को भी इनके पास जाने का आग्रह किया. शीर्ष अदालत ने कहा कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि यह मध्यस्थता सिर्फ परिवार के सदस्यों तक ही सीमित रहेगी. साथ ही हम अपने सामने मौजूद सभी पक्षों से आग्रह करेंगे कि वह सार्वजनिक रूप से कोई बयानबाजी नहीं करें. साथ ही यह मामला एक पारिवारिक है और इसे सुलझाने के लिए परिजनों तक ही सीमित रहना चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
संजय कपूर की मां रानी कपूर ने साल 2017 में बने आर के फैमिली ट्रस्ट को निरस्त करने की मांग की है. उनका कहना है कि धोखाधड़ी करके इस ट्रस्ट को बनाकर परिवार की संपत्ति को ट्रांसफर किया जा रहा था. रानी कपूर की इस मांग का प्रिया कपूर लगातार विरोध रही हैं. वहीं, शीर्ष अदालत में दायर याचिका में रानी कपूर ने कहा कि ट्रस्ट को इसलिए संपत्ति ट्रांसफर की जा रही थी ताकि उनको इससे बेदखल किया जा सके. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साल 2017 में उन्हें ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद उनके दिवंगत बेटे संजय कपूर और पत्नी प्रिया कपूर ने उनकी शारीरिक स्थिति का फायदा उठाया. साथ ही उनसे खाली कागजों पर साइन करवाए गए और उनकी जानकारी के बिना परिवार की संपत्ति को फैमिली ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दी गई थी.
संपत्ति को किया जा रहा ट्रस्ट में ट्रांसफर
यह पूरा विवाद संजय कपूर की पिछले साल मौत होने के बाद सामने आया है. इसी बीच रानी कपूर ने आरोप लगाया कि मेरे बेटे की मौत के बाद प्रिया कपूर ने सोना ग्रुप से जुड़ी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल करने के लिए बहुत तेजी से कदम उठाए हैं और वह ऐसा लगातार कोशिश भी कर रही हैं. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान रानी कपूर की अधिक उम्र को ध्यान में रखते हुए संपत्ति विवाद को परिवार के स्तर पर सुलझाने का आग्रह किया था. 7 मई को कोर्ट ने याचिका पर आदेश लिखवाते हुए कहा कि यह एक पारिवारिक मामला है. यह प्रयास होना चाहिए कि इस विवाद को जल्द से जल्द सुलझाना जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में आगे बढ़ने से पहले मध्यस्थ की शुरुआती रिपोर्ट का इंतेजार करेगा.
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News Source: PTI
