Rupee Vs Dollar: गुरुवार को भारतीय रुपया पिछले बंद भाव से 28 पैसे की गिरावट के साथ खुला. यह डॉलर के मुकाबले शुरुआती मार्केट में 94.77 पर कारोबार करते हुए दिखा.
Rupee Vs Dollar: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय करेंसी रुपये में कमजोरी देखी गई है. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 28 पैसे तक टूट गया और यह 94.77 पर कारोबार करते हुए दिखा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बाजार की भावना में नाटकीय बदलाव आया, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि अमेरिका और ईरान तनाव कम करने और बातचीत फिर से शुरू करने के नजरिए से 14 सूत्री समझौते ज्ञापन (MoU) पर चर्चा कर रहे हैं. हालांकि, अगर यह डील नहीं हो पाती है तो ट्रंप ने ईरान पर बमबारी की भी धमकी दे दी है.
पिछले बंद से 28 पैसे की गिरावट
न्यूज एजेंसी के अनुसार, गुरुवार को इंटरबैंक फॉरेंन एक्सचेंज मार्केट में भारतीय रुपया पिछले बंद भाव से 28 पैसे की गिरावट के साथ खुला. यह डॉलर के मुकाबले शुरुआती मार्केट में 94.77 पर कारोबार करते हुए दिखा. बता दें कि बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 69 पैसे मजबूत होकर 94.49 पर बंद हुआ था.
ईरान-अमेरिका डील पर बाजार की नजर
न्यूज एजेंसी के अनुसार, सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा, “बाजार फिलहाल उस महत्वपूर्ण 48 घंटे के समय पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिसके दौरान अमेरिका को पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए से तेहरान की औपचारिक प्रतिक्रिया की उम्मीद है.”
भारतीय शेयर बाजार का हाल
भारतीय शेयर बाजार की बात करें तो इसमें अभी तेजी दिख रही है. 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 350 अंकों से अधिक की तेजी के साथ 78,341 (12 बजकर 48 मिनट)पर कारोबार कर रहा है. वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी भी तेजी दिखा रहा है. इसमें 0.49 फीसदी का उछाल दिखा है. यह हरे निशान में 24,449 पर कारोबार करते हुए दिखा है.
जानकार बताते हैं कि ईरान-अमेरिका के बीच तनाव को खत्म करने के लिए डील पर पॉजिटिव वार्ता को लेकर बाजार ने तेजी दिखाई है. क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट और बाजार में निवेशकों के निवेश ने शेयर मार्केट को मजबूत करने में मदद की है.
ट्रंप ने दी है ईरान को धमकी
मालूम हो कि बुधवार को अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर कहा, “यह मानते हुए कि ईरान सहमत शर्तों को मानने के लिए राजी हो जाता है, जो शायद एक बड़ी धारणा है, तो पहले से ही चर्चित ‘एपिक फ्यूरी’ का अंत हो जाएगा. और अत्यधिक प्रभावी नाकाबंदी के कारण स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज ईरान सहित सभी के लिए खुला रहेगा.” उन्होंने आगे कहा, “अगर वे सहमत नहीं होते हैं तो बमबारी शुरू हो जाएगी और दुख की बात है कि यह पहले की तुलना में कहीं अधिक हाई लेवल पर और तेज होगी.”
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