West Bengal News : पश्चिम बंगाल की विधानसभा को भंग करने का आदेश राज्यपाल ने दे दिया है. इसके साथ ही 15 साल बाद ममता का राज खत्म हो गया और अब नए सिरे से कैबिनेट चुनी जाएगी.
West Bengal News : पश्चिम बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया. इसके साथ ही 15 सालों से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी का राज खत्म हो गया. विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिला है और ममता बनर्जी ने चुनाव में वोटों की चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया. इसी बीच 2026 चुनाव प्रक्रिया से पहले राज्यपाल ने यह अहम कदम उठाया. बता दें कि विधानसभा भंग करने के बाद ममता बनर्जी अब राज्य की मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी और अब राज्यपाल जिस विधायक को शपथ दिलाएंगे वह अब सूबे का नया दावेदार होगा.
संविधान में मिली शक्तियों के तहत दिया आदेश
राज्यपाल आरएन रवि ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 (2) की उप-धारा (ख) अपने शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्य की विधानसभा को भंग कर दिया है. इस घोषणा से पहले 6 मई, 2026 को पब्लिश हुए एक स्पेशल गजट नोटिफिकेशन, जिसका नंबर: 275-P.A./1L-03/2026 में कर दी गई थी. सरकार के पार्लियामेंट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार, वर्तमान विधानसभा 7 मई को भंग हो जाएगी.

चीफ सेक्रेटरी ने किया प्रकाशित
राज्यपाल द्वारा साइन किए गए नोटिफिकेशन को राज्य के चीफ सेक्रेटरी दुष्यंता नरियाला (IAS) वेबसाइट पर जारी कर दिया. भारत में एक परंपरा है कि नई सरकार के ऑफिस संभालने से पहले पुरानी असंबेली को भंग करने की एक संवैधानिक प्रैक्टिस है. इस ऑर्डर के जारी होने के बाद 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया है और चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा अब 18वीं लेजिस्लेटिव असेंबली का भी रास्ता साफ हो गया है. अब उम्मीद की जा रही कि राज्य की नई कैबिनेट शपथ ग्रहण करेगा. हालांकि, अभी तक मुख्यमंत्री चेहरे की भी घोषणा नहीं हुई है और न ही विधायक दल का नेता चुना गया है.
ममता ने कर दिया इस्तीफा देने इनकार
राज्य में विधानसभा चुनाव के 4 मई को आए नतीजों में बीजेपी ने 293 विधानसभा सीटों में से 207 पर जीत दर्ज की है. आजादी के बाद बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने के लिए जा रही है. इस चुनाव में टीएमसी की हार हुई और पार्टी को मात्र 80 सीटों पर ही जीत मिल सकी. इसके साथ ही ममता का 15 साल बाद किला ढह गया. वहीं, चुनाव के बाद ममता बनर्जी ने 100 सीटों पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि मुझे भी जबरन हराया गया. यही वजह थी कि ममता बनर्जी ने सीएम पद से इस्तीफा देने से भी मना कर दिया. हालांकि, सदन के भंग होने के बाद ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल खत्म हो गया है.
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News Source: PTI
