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खाद्य आत्मनिर्भरता पर उपराष्ट्रपति का जोर, कहा- हम ऑस्ट्रेलिया नहीं हैं, हमारी आबादी 70 गुना ज्यादा

by Sanjay Kumar Srivastava 24 August 2026, 6:24 PM IST
24 August 2026, 6:24 PM IST
खाद्य आत्मनिर्भरता पर उपराष्ट्रपति का जोर, कहा- हम ऑस्ट्रेलिया नहीं हैं, हमारी आबादी 70 गुना ज्यादा, खेती को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता

CP Radhakrishnan: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाला भारत खाने-पीने की चीज़ों के आयात पर निर्भर नहीं रह सकता. उन्होंने खेती को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देने का वादा किया. आंध्र प्रदेश के मुसुनुरु गांव में पॉपकॉर्न मक्का बीज के लॉन्च कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि हम 140 करोड़ लोग हैं, हम ऑस्ट्रेलिया नहीं हैं. हमारी आबादी ऑस्ट्रेलिया से 70 गुना ज़्यादा है, इसलिए हम अपने खाने-पीने की चीज़ों के लिए आयात पर निर्भर नहीं रह सकते. खेती से जुड़े हितों का ध्यान रखा जाएगा, खेती को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जाएगी.

नदियों को जोड़ने की योजना पर जताई खुशी

कहा कि खेती के क्षेत्र में अपनाए गए नए इनोवेशन और आधुनिक तकनीकें देश में खेती को समृद्ध बनाएंगी. राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की महानदी से कावेरी तक दक्षिण भारत की सभी नदियों को आपस में जोड़ने की योजना पर खुशी ज़ाहिर की. दक्षिणी नदियों को आपस में जोड़ने की नायडू की पहल का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन यह बहुत जल्द हकीकत बन जाएगी. उन्होंने सभी ज़िलों में सिंचाई की सुविधाएं पहुंचाने का वादा किया और कामना की कि भारतीय खेती में इनोवेशन जारी रहे, ताकि आज बोया गया बीज कल एक मज़बूत, ज़्यादा आत्मनिर्भर और ज़्यादा विकसित भारत का निर्माण करे.

खेती को सबसे ज्यादा प्राथमिकता

इस बीच, नायडू ने कहा कि केंद्र और राज्य में NDA सरकार खेती को एक आर्थिक ताकत और किसानों को उद्यमी के तौर पर देखती है. नायडू ने कहा कि हमारा मकसद किसानों की उगाई फसलों की वैल्यू बढ़ाना और उन्हें एक्सपोर्ट करना है. हल्दी, मक्का और मिर्च जैसी फसलों के साथ-साथ एक्वाकल्चर से मिलने वाले उत्पाद भी दुनिया भर में पहुंचने चाहिए. उन्होंने कहा कि नुज़िवीडु जैसी जगहों पर पाम ऑयल और कोको जैसी कमर्शियल फसलें खूब फल-फूल रही हैं, जो खेती से बागवानी की ओर बदलाव का संकेत है.

रायलसीमा बनेगा बागवानी का केंद्र

उन्होंने अगले 30 से 40 सालों के लिए लंबी अवधि की फसल योजना बनाने का आह्वान किया और रायलसीमा क्षेत्र को बागवानी का केंद्र बनाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बताई. उन्होंने बताया कि रायलसीमा का विकास सरकारी और प्राइवेट स्रोतों से 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश से किया जा रहा है. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 35,000 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिकता के आधार पर 36 सिंचाई परियोजनाएं पूरी की जाएंगी. इससे पहले सोमवार को राधाकृष्णन और नायडू ने एलुरु जिले में दो पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीजों का अनावरण किया.

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News Source: PTI

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