Rupee Against Dollar: कई दिनों से चल रही डॉलर की दादागिरी को अब अपने रुपये ने आंख दिखानी शुरू कर दी है. आप भी जानें आज कैसी है रुपये की चाल और डॉलर का हाल.
18 February, 2026
आज सुबह-सुबह की चाय के साथ बाजार से एक अच्छी खबर आई है. दरअसल, भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के सामने अपनी चाल तेज कर दी है. बुधवार की शुरुआत में रुपया 5 पैसे की मजबूती के साथ 90.67 के लेवल पर पहुंच गया. ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर रुपये में यह रौनक अचानक कैसे आई, तो इसके पीछे दो बड़े खिलाड़ी हैं. पहला सस्ता होता कच्चा तेल और दूसरा भारत में पैसा लगाने वाले फॉरेन इन्वेस्टर्स.
कैसे हुई शुरुआत?
फॉरेन करेंसी मार्केट के जानकारों का कहना है कि इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपये की ओपनिंग तो काफी धमाकेदार रही थी. सुबह रुपया 90.60 पर खुला था, लेकिन कुछ ही देर में ये थोड़ा संभलकर 90.67 पर टिक गया. आपको बता दें कि, मंगलवार को भी रुपया हल्की बढ़त के साथ 90.72 पर बंद हुआ था. यानी पिछले दो दिनों से रुपया धीरे-धीरे ही सही, पर मजबूती की ओर कदम बढ़ा रहा है.
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डॉलर के तेवर
हालांकि, रुपये के लिए रास्ता इतना आसान भी नहीं है. एक तरफ जहां कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से हमें फायदा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर खुद को और ताकतवर बनाने में लगा है. दुनिया की 6 मेजर करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती बताने वाला ‘डॉलर इंडेक्स’ 0.10 प्रतिशत चढ़कर 97.24 पर पहुंच गया है. वहीं, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार की वजह से इन्वेस्टर्स फिर से डॉलर की तरफ अट्रैक्ट हो रहे हैं, जिससे रुपये की छलांग पर थोड़ी लगाम लग गई है.
RBI का रोल
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जमकर खरीदारी की. करीब 995.21 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए, जिससे बाजार में डॉलर की इनकमिंग बढ़ी. साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक भी इस सिचुएशन पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि रुपये में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज रुपया 90.40 से 90.80 के दायरे में ही अपनी चाल चलेगा.
शेयर मार्केट का हाल
रुपये के लिए सबसे सुकून देने वाली बात ये रही कि ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड का भाव थोड़ा गिरकर 68.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. कच्चा तेल सस्ता होने का सीधा मतलब है कि भारत को तेल खरीदने के लिए कम डॉलर खर्च करने होंगे. हालांकि, शेयर बाजार की सुस्ती ने थोड़ा मूड खराब किया. सुबह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले, जिसकी वजह से रुपये को जितनी बढ़त मिलनी चाहिए थी, उतनी मिल नहीं पाई. फिलहाल डॉलर और मजबूत होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फॉरेन इन्वेस्टर्स के भरोसे और तेल की कीमतों ने अभी रुपये के हाथ मजबूत कर रखा है.
News Source: Press Trust of India (PTI)
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