Share Market: शेयर मार्केट में कल की रिकवरी के बाद आज यानी बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी खासी गिरावट आई है. एक बार फिर इन्वेस्टर्स की धड़कनें तेज़ हुई हैं. आप भी जानें वजह.
11 March, 2026
आज सुबह जब बाजार खुला, तो इन्वेस्टर्स के चेहरे पर वो रौनक नहीं थी जो कल दिखाई दे रही थी. शेयर मार्केट में आज फिर से सुस्ती का माहौल देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स अपने डे हाई से करीब 500 अंक नीचे फिसल गया. वहीं, निफ्टी भी 24,200 के लेवल के नीचे ट्रेड करता नजर आया. ऐसे में अगर आप भी सोच रहे हैं कि आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि शेयर मार्केट का ग्राफ नीचे आ गया, तो इसके पीछे कुछ बड़े कारण हैं.
बाजार की चमक
बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह फॉरेन इन्वेस्टर्स की लगातार जारी बिकवाली है. 11 मार्च की सुबह जब ट्रेडिंग शुरू हुई, तो मिडिल ईस्ट से आ रही वॉर की खबरों ने इन्वेस्टर्स को उलझन में डाल दिया. अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर हो रहे हमलों की खबरों ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिंट दिए हैं कि ये लड़ाई जल्द ही खत्म हो सकती है. लेकिन इन्वेस्टर्स को डर है कि कहीं इसका असर महंगाई और इकोनॉमी पर न पड़ जाए.
आंकड़ों की जुबानी
सुबह करीब 10 बजे के आसपास सेंसेक्स 401 अंकों की गिरावट के साथ 77,804 पर ट्रेड कर रहा था. वहीं निफ्टी में भी 113 अंकों की गिरावट देखी गई और ये 24,148 के लेवल पर आ गया. बाजार का मिजाज ऐसा था कि करीब 2,434 शेयर्स में बढ़त दिख रही थी, जबकि 837 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में थे.
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विदेशी वर्सेस देसी
बाजार में आजकल एक दिलचस्प खेल चल रहा है, जिसे हम ‘विदेशी इन्वेस्टर्स वर्सेस घरेलू इन्वेस्टर्स’ कह सकते हैं. यानी FIIs लगातार इंडियन शेयर मार्केट से अपना पैसा निकाल रहे हैं. 10 मार्च को ही उन्होंने करीब 4,673 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि, राहत की बात ये है कि हमारे देश के इन्वेस्टर्स यानी DIIs डटे हुए हैं. उन्होंने उसी दिन 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी की. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक विदेशी निवेशक भारत की तरफ रुख नहीं करते, ये लुका-छिपी का खेल चलता रहेगा.
प्रोफिट बुकिंग का दौर
पिछले ट्रेडिंग सेशन में मार्केट में अच्छी बढ़त देखी गई थी, जिससे इन्वेस्टर्स को थोड़ा फायदा हुआ. हालांकि, आज ऑटो, बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी जैसे सेक्टर्स में बिकवाली यानी प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली. इन सेक्टर्स के इंडेक्स करीब 0.4% से 0.6% तक नीचे गिर गए, जिसने पूरे मार्केट सेंटीमेंट को थोड़ा हिला दिया है.
रुपये की चाल
शेयर बाजार के साथ-साथ रुपये की सेहत पर भी असर पड़ा है. बुधवार सुबह रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 91.89 पर पहुंच गया. इसकी बड़ी वजह भी फॉरेन इन्वेस्टर्स का पैसा निकालना और मिडिल ईस्ट का तनाव ही है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है, जिससे रुपया बहुत ज्यादा गिरने से बचा है. फिलहाल ब्रेंट क्रूड 87.47 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है. कुल मिलाकर, आज का बाजार थोड़ा संभलकर चलने वाला है. ग्लोबल पॉलिटिक्स और फॉरेन इन्वेस्टर्स की चाल ही आने वाले दिनों में शेयर मार्केट की दिशा तय करेगी.
News Source: PTI
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