Home Latest News & Updates …तो कपिल देव नहीं सैयद किरमानी होते कप्तान? 1983 वर्ल्ड कप में टीम की कमान पर पूर्व विकेटकीपर का खुलासा!

…तो कपिल देव नहीं सैयद किरमानी होते कप्तान? 1983 वर्ल्ड कप में टीम की कमान पर पूर्व विकेटकीपर का खुलासा!

by Amit Dubey 11 June 2026, 12:22 PM IST (Updated 11 June 2026, 12:37 PM IST)
11 June 2026, 12:22 PM IST (Updated 11 June 2026, 12:37 PM IST)
Syed Kirmani

Syed Kirmani: 25 जून 1983 का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक दिन था. इसी दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने कपिल देव की कप्तानी में आईसीसी वनडे विश्व कप को पहली बार जीता था. अब, उस ऐतिहासिक जीत को 43 साल हो गए हैं और इसका जश्न 25 जून को मुंबई में उस टीम के सदस्यों द्वारा मनाया जाएगा.

इस बीच 1983 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के विकेटकीपर और बल्लेबाज रहे सैयद किरमानी ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया है कि वर्ष 1983 में टीम इंडिया की कप्तानी की रेस में उनका भी नाम शामिल था. उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि वह दिलीप वेंगसरकर के साथ भारतीय कप्तानी के दावेदारों में थे.

कपिल को कप्तान नियुक्ति से पहले एक प्रस्ताव- किरमानी

भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी ने खुलासा किया कि 1983 विश्व कप से पहले वह दिलीप वेंगसरकर के साथ भारतीय कप्तानी के दावेदारों में थे, लेकिन तत्कालीन चयन समिति ने इंग्लैंड में आयोजित टूर्नामेंट के तीसरे एडिशन में देश का नेतृत्व करने के लिए दिग्गज कपिल देव को चुना.

उन्होंने बताया, “विश्व कप से पहले 1983 में वेस्ट इंडीज के दौरे के दौरान एक सवाल उठा था. उस समय, कपिल देव को कप्तान नियुक्त करने से पहले एक प्रस्ताव आया था. मेरे और वेंगसरकर के बीच एक बातचीत हुई थी.” किरमानी ने बताया, “ये अंदर की बातें हैं जो मैंने सुनी हैं. क्या हमें वेंगसरकर को कप्तान बनाना चाहिए या सैयद किरमानी को? तो, इस खींचतान में, शायद उन्होंने कहा होगा, एक विकेटकीपर है, उस पर बोझ क्यों डाला जाए?”

लेकिन कपिल का चयन गलत साबित नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने भारत को 50 ओवर के विश्व कप का पहला खिताब दिलाया. मालूम हो कि 43 साल पहले, 25 जून 1983 को, लॉर्ड्स में ‘कपिल की टीम’ ने दिग्गज वेस्ट इंडीज को 43 रनों से हराकर विश्व कप जीता, जिसे तब प्रूडेंशियल कप के नाम से जाना जाता था.

हर साल 25 जून को उनका जश्न मनाना चाहिए- सैयद किरमानी

बता दें कि 1983 के ऐतिहासिक जीत का जश्न 25 जून को मुंबई में उस टीम के सदस्यों द्वारा मनाया जाएगा. इस बीच किरमानी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से आग्रह किया कि वह इन अग्रदूतों को उचित सम्मान प्रदान करे. उन्होंने कहा, “बीसीआई को आगे आकर 1983 विश्व कप के खिलाड़ियों को मान्यता देनी चाहिए और हर साल 25 जून को उनका जश्न मनाना चाहिए, जिसने बोर्ड के साथ-साथ उन क्रिकेटरों के लिए भी एक बड़ी नींव रखी, जो अब 1983 विश्व कप के बाद मिले लाभों का आनंद ले रहे हैं.”

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News Source: PTI

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