Stock Market Crash: मंगलवार का दिन शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स के लिए ब्लैक चैप्टर की तरह रहा. आप भी जानें एक ही दिन 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा होने के पीछे क्या रहीं बड़ी वजह.
20 January, 2026
मंगलवार का दिन इंडियन शेयर मार्केट के इन्वेस्टर्स के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. बाजार में बिकवाली का ऐसा तूफान आया कि देखते ही देखते लोगों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये मिट्टी में मिल गए. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही औंधे मुंह गिरे और पिछले तीन महीनों के अपने सबसे लो लेवल पर पहुंच गए. अगर आप भी शेयर बाजार में इन्वेस्ट करते हैं, तो जानिए कि, आखिर इतनी बड़ी गिरावट की वजह क्या है.
10 लाख करोड़ की चपत
मंगलवार को BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28% गिरकर 82,180.47 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 353 अंक टूटकर 25,232.50 के लेवल पर आ गया. ये पिछले 9 महीनों में निफ्टी की एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है. मंगलवार की गिरावट से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये कम हो गया. इस साल की शुरुआत से अब तक इन्वेस्टर्स 20 लाख करोड़ रुपये गंवा चुके हैं.
हजारों शेयर्स में गिरावट
आज एनएसई पर 2 हज़ार 236 शेयर्स लाल निशान में बंद हुए, जबकि सिर्फ 264 शेयर्स में ही हरियाली नजर आई. ओला इलेक्ट्रिक के शेयर लगातार 10वें दिन गिरे. ये शेयर अपनी लिस्टिंग के बाद के हाई से 80% तक टूट चुका है. सेंसेक्स की 30 बड़ी कंपनियों में से आज सिर्फ HDFC बैंक ही बढ़त के साथ बंद हुआ, बाकी सब धाराशायी हो गए. निफ्टी आईटी, ऑटो, पीएसयू बैंक और रियलिटी जैसे इंडेक्स के सभी शेयर आज घाटे में रहे.
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असली विलेन
बाजार में मची इस खलबली के पीछे कई ग्लोबल और डोमेस्टिक कारण रहे. ट्रम्प की टैरिफ वाली धमकी का भी असर साफ दिखा. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यूरोपीय देशों पर ज्यादा टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं. ये धमकी भी दुनिया भर के बाजारों को डरा रही है. खासकर ग्रीनलैंड को लेकर चल रहे विवाद ने आग में घी डालने का काम किया है. इसके अलावा फॉरेन इन्वेस्टर्स भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में भारी दबाव बना हुआ है.
कच्चे तेल की कीमत
इंटरनेशनल लेवल पर ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतों और डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये ने भी इन्वेस्टर्स की चिंता बढ़ा दी है. वहीं, मंगलवार को शेयर मार्केट में बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और सन फार्मा जैसे बड़े नामों में भारी बिकवाली देखी गई. न्यूजेन सॉफ्टवेयर का शेयर तो एक ही दिन में 15% तक टूट गया. वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी सिर्फ कुछ ही शेयर बढ़त बना पाए.
एक्सपर्ट्स की राय
शेयर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनियाभर में वॉर और अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी को लेकर जो डर बना हुआ है, उसकी वजह से इन्वेस्टर्स सेफ ठिकाने ढूंढ़ रहे हैं. यही वजह है कि लोग जमकर सोने और चांदी की चमक में पैसा लगा रहे हैं. जब तक ये हालात नॉर्मल नहीं होते, तब तक मार्केट में ऐसी उठा-पटक देखने को मिलती रहेगी. फिलहाल इन्वेस्टर्स के लिए सलाह यही है कि ऐसे उतार-चढ़ाव वाले माहौल में घबराकर फैसले न लें और क्वालिटी शेयरों पर नजर बनाए रखें.
News Source: Press Trust of India (PTI)
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