Gujarat CID: गुजरात CID क्राइम ब्रांच ने 226 करोड़ रुपये के एक अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. जिसमें से एक आरोपी का आतंकी संगठन हमास से संबंध है. सीआईडी क्राइम ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से सात अहमदाबाद और एक-एक मुंबई और हरियाणा के करनाल से हैं.
Gujarat CID: गुजरात CID क्राइम ब्रांच ने 226 करोड़ रुपये के एक अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. जिसमें से एक आरोपी का आतंकी संगठन हमास से संबंध है. सीआईडी क्राइम ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से सात अहमदाबाद और एक-एक मुंबई और हरियाणा के करनाल से हैं. सीआईडी क्राइम के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने खुलासा किया कि सिंडिकेट के खाते 935 साइबर धोखाधड़ी मामलों में शामिल थे. ये सभी वैश्विक आतंकी फंडिंग, नशीले पदार्थों और डार्क वेब से जुड़े थे. क्राइम ब्रांच की तकनीकी इकाई ने क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और लेनदेन की जांच करके इस नेटवर्क का खुलासा किया. जांच से पता चला कि सिंडिकेट नशीले पदार्थों के वितरण, मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों के वित्तपोषण के लिए डार्क वेब पर काम कर रहा था.
मादक पदार्थों की तस्करी का भी खुलासा
आरोपी सीधे तौर पर आतंकी फंडिंग से जुड़े हुए थे. दुबई स्थित सरगना मोहम्मद जुबेर पोपटिया के बटुए को 2025 में इजराइल के नेशनल ब्यूरो फॉर काउंटर टेरर फाइनेंसिंग द्वारा जब्त कर लिया गया था. इसमें कहा गया है कि पोपटिया ने ‘दुबई कंपनी फॉर एक्सचेंज’ के साथ सीधे लेन-देन संबंध बनाए रखा, जिसका इस्तेमाल आतंकवादी संगठन हमास द्वारा किया जाता था. पुलिस ने बताया कि अहमदाबाद से गिरफ्तार किए गए मोहसिन मोलानी से पूछताछ और बरामद सबूतों से 2023 से यूनाइटेड किंगडम में चल रहे बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी का भी खुलासा हुआ है. इसमें कहा गया है कि मोलानी ब्रिटेन में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के लिए पोपटिया के संपर्क में था और सलमान गुलामाली अंसारी के साथ ऑर्डर करता था.
हवाला के जरिए होता था लेनदेन
क्राइम ब्रांच ने कहा कि अंसारी और पोपटिया ने कथित तौर पर इस आतंक वित्तपोषण और मास्टरमाइंड के रूप में काम किया. इसमें कहा गया है कि अवैध नकदी को अंगदिया और हवाला नेटवर्क के माध्यम से भारत वापस भेज दिया गया था. मोलानी इसे इकट्ठा करता था और अंसारी के पिता गुलाम सादिक इबादुल्ला अंसारी (जिसे अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया था) को सौंप देता था. जांच से यह भी पता चला है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई संस्थाओं से सिंडिकेट के वॉलेट में सक्रिय रूप से धन हस्तांतरित किया गया था. इनमें यमन का ‘अंसार अल्लाह’ (हूती) विद्रोही समूह, ईरान का ‘आईआरजीसी-क्यूएफ’, रूस का स्वीकृत एक्सचेंज ‘गारेंटेक्स’ और इलान शोर क्लस्टर से जुड़े वॉलेट शामिल है.
बचने के लिए गुमनाम क्रिप्टोकरेंसी का किया इस्तेमाल
artemislab.cc नाम की एक डार्क वेब नारकोटिक्स वेबसाइट से मोलानी के स्वामित्व वाले क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में अवैध लेनदेन का पता चलने के बाद साइबर जासूसों ने जांच शुरू की. इसमें कहा गया है कि मोलानी के डिजिटल वॉलेट के गहन तकनीकी जांच से भारत भर में नौ अन्य संदिग्ध क्रिप्टो उपयोगकर्ताओं के साथ परस्पर जुड़े वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ. इसमें कहा गया है कि सिंडिकेट ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पता लगाने से बचने के लिए मोनेरो जैसी अप्राप्य, गुमनाम क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया, जो वैश्विक स्तर पर आतंकी वित्तपोषण और डार्क वेब गतिविधियों के लिए पसंद की जाती है. इसमें कहा गया है कि आरोपियों ने साइबर घोटालों, डार्क वेब लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय तस्करी संचालन से उत्पन्न अवैध धन का भारी मात्रा इकट्ठा किया. इन फंडों को अपने निजी वॉलेट में आंतरिक रूप से घुमाया. इस ‘गंदी क्रिप्टो’ को स्थिर यूएसडीटी सिक्कों में बदल दिया और व्यवस्थित रूप से पैसे को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में भेज दिया. मोहसिन मोलानी से बरामद पूछताछ और सबूतों ने 2023 से यूनाइटेड किंगडम में चल रहे बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी ऑपरेशन का खुलासा किया.
ये भी पढ़ेंः महंगे गिफ्ट और विदेशी करेंसी का झांसा: फेसबुक पर दोस्ती कर ठगने वाला नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार
News Source: PTI
