Twisha Sharma Murder: राजधानी भोपाल में कानून के दिग्गजों और सेना के सम्मान के बीच हुई एक शादी अब मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा और पहला ऐसा अजीबो-गरीब रहस्य बन गई है, जहां एक नवविवाहिता का शव बीते सात दिनों से एम्स की मर्चुरी में कैद है. रूह कंपा देने वाली इस दास्तान में मृतका ट्विशा शर्मा की लाश पिछले एक हफ्ते से अपनी अंतिम विदाई के सम्मान का इंतजार कर रही है, लेकिन इस अंतिम संस्कार पर भी अब एक नया हाई-वोल्टेज ड्रामा और सस्पेंस खड़ा हो गया है.
इस पूरे मामले में नया मोड़ देते हुए आरोपी सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने सनसनीखेज दावा किया है. उनका कहना है मुझे अस्पताल प्रशासन ने शव ले जाने के लिए बोल दिया है और मैं अपनी बहू का अंतिम संस्कार करने के लिए पूरी तरह राजी हूं, लेकिन ट्विशा के मायके वाले (परिजनों) ने ही शव को ले जाने से साफ मना कर दिया है. हमारे ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे सब पूरी तरह निराधार और झूठे हैं.
एम्स में क्यों रुकी है अंतिम विदाई
दरअसल ट्विशा के मायके वाले (मेजर का परिवार) भोपाल में हुए शुरुआती पोस्टमार्टम से संतुष्ट नहीं हैं. उन्हें किसी बड़ी साजिश का अंदेशा है, इसलिए वे शव का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराने की जिद पर अड़े हैं. पुलिस ने दिल्ली एम्स के डायरेक्टर को पत्र लिखकर शव को मर्चुरी में सुरक्षित रखने को कहा है. परिजन अब हाई कोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी कर रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह भी है कि शुरुआती पोस्टमार्टम के समय मृतका का बेल्ट जांच के लिए न भेजने वाले पुलिस अधिकारी पर भी अब विभागीय जांच बैठ गई है, जिसने शक के दायरे को और बढ़ा दिया है.
कहानी के दो छोर
पहला छोर: सोमवार को भोपाल कोर्ट में इस मामले पर तीखी बहस हुई. कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी और पेशे से एडवोकेट पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया. कोर्ट ने ट्विशा के आखिरी वॉट्सएप चैट का हवाला दिया, जिसमें उसने रोते हुए लिखा था, अब मुझसे और नहीं सहा जा रहा. कोर्ट ने माना कि मृतका को प्रताड़ित किया गया. जमानत खारिज होते ही भोपाल पुलिस ने एडवोकेट पति समर्थ सिंह पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है और लुकआउट नोटिस भी जारी किया है.
दूसरा छोर: बेटे की जमानत खारिज होने के बाद खुद पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह (जिन्हें पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है) मीडिया के कैमरों के सामने फूट फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने मामले को पूरी तरह पलटते हुए कहा मैं एक शहीद की पत्नी हूं (पति बीएसएफ में रहे). मेरी बहू ट्विशा ड्रग्स की आदी थी, जिसके कारण उसके हाथ कांपते थे. उसने खुद डॉक्टर को भी यह बात बताई थी. वह खुद गर्भपात कराने की जिद करती थी.
सीसीटीवी फुटेज का वो रहस्यमयी एक घंटा
मामले को सबसे ज्यादा भ्रामक और रहस्यमयी बनाता है घटना की रात का एक सीसीटीवी फुटेज. इस वीडियो में ट्विशा अकेले घर की छत की तरफ जाती दिख रही है, लेकिन ठीक एक घंटे बाद तीन लोग उसकी लाश को नीचे लाते हुए दिख रहे हैं. बीच रास्ते में शव को सीपीआर देने का प्रयास भी कैमरे में कैद हुआ है, जो कई अनुत्तरित सवाल खड़े करता है. अब यह मामला आत्महत्या का है, प्रताड़ना का या फिर किसी गहरी साजिश का, इसका सच अब दिल्ली एम्स की दोबारा होने वाली जांच और हाई कोर्ट के अगले रुख के पीछे छिपा है.
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