Pilibhit Daughter Murder: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जिला न्यायालय ने एक आदमी और चार अन्य को अपनी नौ साल की बेटी की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है. चार साल पहले 2022 में हत्या को अंजाम दिया गया था. सबसे हैरान करने वाली बात है कि पिता और उसके साथियों ने 9 साल की बच्ची को केवल इसलिए मार दिया, क्योंकि उन्हें किसी और को झूठे मर्डर केस में फंसाना था.
उम्रकैद और जुर्माना
एडिशनल सेशंस जज विजय कुमार हिमांशु ने सोमवार को इस मामले में सभी पांच आरोपियों को दोषी ठहराया और हर एक पर 22,000 रुपये का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने लड़की के पिता अनीस को बाकी बची जिंदगी के लिए सख्त उम्रकैद की सजा सुनाई और इस जुर्म को बहुत बेरहम और माफ न करने लायक बताया. उसके साथियों शादाब, नसीम, सलीम और शहजादे को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई.
क्या है पूरा मामला
प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर देवेंद्र कुमार के मुताबिक, गांव वाले सकील ने अनीस और उसके भाई शादाब के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था. वारंट जारी होने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर सकील पर केस वापस लेने का दबाव डाला. कुमार ने कहा कि जब सकील ने मना किया, तो आरोपियों ने उसे झूठे मर्डर केस में फंसाने की साजिश रची और अनीस की नौ साल की बेटी अनम को मोहरा बनाया.
यह घटना 2 दिसंबर, 2022 को हुई थी. आरोपी अनम को उर्स मेले में ले गए और लौटते समय उसे एक खेत में नींद की गोलियां दीं. प्रॉसिक्यूशन ने कहा कि जब वह बेहोश हो गई, तो अनीस ने उसके सिर पर ईंट से वार किया और फिर चाकू से वार करके उसे मार डाला. फिर लड़की की लाश को भूसे में छिपा दिया गया. कुमार ने कहा कि अनीस बाद में पुलिस स्टेशन गया और झूठी शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी लापता है.
हमले के बाद तड़प रही थी लड़की
प्रॉसिक्यूशन ने कहा कि जांच के दौरान, यह पता चला कि हमले के बाद भी लड़की जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन उसका हैवान पिता तड़पते हुए उसकी वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था. पुलिस ने सबूतों, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को जोड़ा. जांच के दौरान साकिल को बेगुनाह पाए जाने के बाद उसका नाम हटा दिया गया और पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई.
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News Source: PTI
