Heavy Rain: उत्तर भारत के कई हिस्सों में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर कम से कम 15 उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा. सबसे बदतर हालात दिल्ली-NCR, विशेषकर गुरुग्राम में देखने को मिले. तेज बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया, जिससे उड़ानों के मार्ग बदलने पड़े और यातायात पूरी तरह ठप हो गया.
सदर बाजार में कमर तक भरा पानी
दिल्ली में भी कई मुख्य सड़कों और इलाकों में पानी भर गया, जिनमें लुटियंस दिल्ली के कुछ हिस्से, मथुरा रोड, कनॉट प्लेस, भैरों मार्ग, ITO और ज़खीरा अंडरपास शामिल हैं. तेज़ हवाओं और बारिश के बीच राष्ट्रीय राजधानी में हुई भारी बारिश से कमर तक पानी भर गया. गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और जन-जीवन थम सा गया. कुछ इलाकों में तो लगभग 67 मिमी बारिश दर्ज की गई. संगम विहार में कम से कम एक दर्जन छात्रों को कमर तक भरे पानी से होकर गुज़रते हुए देखा गया. पुरानी दिल्ली इलाके में बारिश का पानी जमा होने के कारण सदर बाज़ार के निवासियों को भी कमर तक भरे पानी से होकर गुज़रना पड़ा.

12 उड़ानों को भेजा गया जयपुर
खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर कम से कम 15 उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा. खराब मौसम की वजह से राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर कई उड़ानें देर से चलीं और कुछ रद्द कर दी गईं. एक अधिकारी ने बताया कि 12 उड़ानों को जयपुर, दो को चंडीगढ़ और एक को लखनऊ भेजा गया. मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश हुई, जिससे शहरी इलाकों में जन-जीवन प्रभावित हुआ. विभाग ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में मॉनसून सामान्य रहा.
गाजियाबाद के रिहायशी इलाकों में भरा पानी
गाज़ियाबाद में भारी बारिश के कारण मुख्य सड़कों और निचले रिहायशी इलाकों में जगह-जगह भारी जलजमाव हो गया, जिससे ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या पैदा हो गई. पानी से भरे रास्ते पर गड्ढे से टकराने के बाद एक ऑटो रिक्शा पलट गया. राहगीरों ने तुरंत यात्रियों को बचाया. उन्हें मामूली चोटें आईं. स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ अलग-अलग इलाकों में आंधी-तूफान आया.
पानी में डूबी जयपुर की मोती डूंगरी रोड
जयपुर और पूर्वी राजस्थान के अन्य हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे ट्रैफिक बाधित हुआ और कई जगहों पर जलजमाव हो गया.अलवर जिले के खैरथल-तिजारा इलाके में, जो नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) का हिस्सा है, भारी बारिश हुई और कई इलाके पानी से भर गए. बारिश के कारण किशनगढ़बास शहर के बाजार, सड़कें, रिहायशी इलाके और निचले इलाके भी जलमग्न हो गए. जयपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, भरतपुर, सवाई माधोपुर, दौसा और खैरथल-तिजारा जिलों में बारिश हुई. जयपुर की मोती डूंगरी रोड पूरी तरह पानी में डूबी हुई थी, जहां से कारें और दोपहिया वाहन गुजरते हुए देखे गए.
हिमाचल में 98 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे सोमवार शाम तक राज्य में गाड़ियों की आवाजाही के लिए 98 सड़कें बंद हो गईं.राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने बताया कि हिमाचल में गाड़ियों की आवाजाही के लिए 98 सड़कें बंद कर दी गईं हैं. साथ ही 21 बिजली ट्रांसफार्मर और 21 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हुईं. मंडी में सबसे ज़्यादा 49 सड़कें बंद हुईं. इसके बाद कुल्लू (28), कांगड़ा (8), शिमला, सिरमौर और ऊना (हर एक में 4) और लाहौल-स्पीति (1) का नंबर रहा. रविवार शाम से पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई.
ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश
IMD ने बताया कि कम दबाव वाले सिस्टम के कारण ओडिशा के ज़्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिसमें पिछले 24 घंटों के दौरान आठ जगहों पर 100 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई. IMD ने बताया कि सोमवार सुबह 8.30 बजे तक की अवधि में राज्य में चार जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई, जबकि 47 जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई. IMD ने एक बुलेटिन में बताया कि सबसे ज़्यादा 169.4 मिमी बारिश क्योंझर ज़िले के जोडा में दर्ज की गई, इसके बाद नबरंगपुर के पापादाहांडी (158.8 मिमी) और बरगढ़ के पाइकमाल (120 मिमी) का स्थान रहा.

जिन दूसरी जगहों पर 100 mm से ज़्यादा बारिश हुई, उनमें मयूरभंज ज़िले के कुसुमी और जशीपुर, नबरंगपुर का झारीगांव और क्योंझर के तेलकोई और चंपुआ शामिल है. बुलेटिन के अनुसार, सुबह के समय कम दबाव वाला क्षेत्र गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड और उत्तरी ओडिशा के हिस्सों में बना हुआ था. IMD ने बताया कि इस इलाके में कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से बुधवार सुबह तक गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है.
गुरुग्राम में घंटों फंसी रहीं एम्बुलेंस और स्कूल बसें
गुरुग्राम में दोपहर तक 70 मिमी बारिश दर्ज की गई. गुरुग्राम का राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, इफको चौक और सोहना रोड जैसे प्रमुख इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए. सड़कों पर पानी भरने से गाड़ियां, स्कूल बसें और एम्बुलेंस घंटों फंसी रहीं. स्थिति इतनी विकट थी कि माता-पिता को अपने बच्चों को कंधों पर उठाकर पानी से भरी सड़कों को पार कराना पड़ा. इसके अलावा नाहरपुर अंडरपास भी पानी में डूब गया. दिल्ली-NCR के साथ-साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
स्कूलों को ऑनलाइन क्लास की सलाह
गुरुग्राम में जोरदार बारिश से कई सड़कें डूब गईं. ‘वर्क फ्रॉम होम’ और स्कूलों को ऑनलाइन क्लास की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम प्रशासन ने सोमवार को कॉर्पोरेट ऑफिस को सलाह दी कि वे मंगलवार को कर्मचारियों को घर से काम करने की इजाज़त दें. साथ ही, भारी बारिश और जलभराव व ट्रैफिक जाम को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों व शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन क्लास चलाने का आदेश दिया. यह सलाह सोमवार को शहर के कई हिस्सों में करीब एक घंटे तक हुई भारी बारिश के बाद जारी की गई. बारिश की वजह से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक धीमा हो गया और कई जगहों पर स्कूल बसें व एम्बुलेंस फंसी रहीं.
25 अगस्त को भी लागू रहेगी घर से काम करने की सलाह
गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन उत्तम सिंह ने कहा कि कॉर्पोरेट और प्राइवेट ऑफिस के लिए घर से काम करने की सलाह 25 अगस्त को भी लागू रहेगी. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस फ़ैसले का मकसद ट्रैफिक जाम कम करना और सिविक एजेंसियों द्वारा सड़कों व नालियों की मरम्मत और रखरखाव के काम में आसानी करना था. इसके बाद प्रशासन ने एडवाइज़री में बदलाव करते हुए ज़िले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को मंगलवार को ऑनलाइन क्लास चलाने का निर्देश दिया. प्रशासन ने छात्रों और स्टाफ़ की सुरक्षा और जलभराव के कारण ट्रैफ़िक जाम की आशंका का हवाला दिया.
पानी में डूबा राजीव चौक और रेलवे रोड
ज़ोरदार बारिश की वजह से नरसिंहपुर, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, इफ़्को चौक और पुराने गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव हो गया. राजीव चौक के आसपास गाड़ियां पानी में फंस गईं, जबकि सोहना रोड पर भी स्कूल बसें और एम्बुलेंस जलभराव में फंस गईं. ज़िला प्रशासन ने बताया कि दोपहर 1.30 बजे तक गुरुग्राम में 70 मिमी बारिश हुई. राजीव चौक, इफ़्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर 5, ओल्ड दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड बुरी तरह प्रभावित इलाकों में शामिल थे. नाहरपुर अंडरपास में भी पानी भर गया था.
सेक्टर 47 में रेल विहार के पास और सुभाष चौक समेत कुछ जगहों पर स्कूल बसें कई घंटों तक फंसी रहीं, जिससे लोगों ने सोशल मीडिया पर स्थिति को लेकर चिंता जताई. एक निवासी ने बताया कि उनका बच्चा चार घंटे से ज़्यादा समय तक बस में फंसा रहा, जबकि एक अन्य ने अधिकारियों की आलोचना की और सिस्टम में बड़े बदलाव की मांग की. एक तीसरे यूज़र ने कहा कि निवासी सालों से शहर में जलभराव की समस्या के बारे में बताते आ रहे हैं, लेकिन कुछ भी नहीं बदला है.
जलभराव वाले इलाकों की ड्रोन से निगरानी
गुरुग्राम में कई सड़कों पर ट्रैफ़िक की रफ़्तार धीमी रही और लोग पानी भरी सड़कों से गुज़रते दिखे. पुराने गुरुग्राम के कुछ हिस्सों, जैसे सदर बाज़ार, गुरुद्वारा रोड और ओल्ड दिल्ली रोड पर जलभराव के कारण दोपहर तक ट्रैफ़िक जाम रहा. ट्रैफ़िक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिरहौल बॉर्डर, राजीव चौक, नरसिंहपुर और कुछ अन्य जगहों पर गाड़ियों की आवाजाही बाधित रही. स्थिति को संभालने के लिए ट्रैफ़िक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम ट्रैफ़िक पुलिस ने बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों और मुख्य सड़कों पर नज़र रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया. हवाई निगरानी से ट्रैफ़िक की स्थिति का आकलन करने, संवेदनशील जगहों की पहचान करने और ज़मीन पर तैनात कर्मियों को निर्देश देने में मदद मिली.
सड़कों पर उतरे अधिकारी
साइबर हब के पास और गेटवे टॉवर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूबा हुआ था, जिससे मुख्य सड़क पर ट्रैफ़िक बाधित हुआ. शीतला माता रोड, जो इस मॉनसून में गुरुग्राम में बाढ़ की आशंका वाली जगहों में से एक बन गई है, सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में से एक थी. बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी ज़मीन पर सक्रिय रहे.

नगर आयुक्त प्रदीप दहिया और अतिरिक्त नगर आयुक्त यश जालुका ने गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के अधिकारियों के साथ उन इलाकों का निरीक्षण किया जहां पानी भरने की समस्या होती है. दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पानी भरे इलाकों में पंपिंग की व्यवस्था चालू रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पानी भरने की सूचना मिलने पर टीमें तुरंत मौके पर पहुंचें और जमा हुए पानी को निकालें.
नोएडा समेत दिल्ली-NCR में जोरदार बारिश, रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी, कई इलाके डूबे
