Home Latest News & Updates लखनऊ से नेपाल फिर नागपुर…, 11 दिनों तक पुलिस को ऐसे चकमा देती रही शातिर श्रद्धा, जानें क्या है पूरा मामला

लखनऊ से नेपाल फिर नागपुर…, 11 दिनों तक पुलिस को ऐसे चकमा देती रही शातिर श्रद्धा, जानें क्या है पूरा मामला

by Neha Singh 24 October 2026, 4:56 PM IST (Updated 24 October 2026, 4:58 PM IST)
24 October 2026, 4:56 PM IST (Updated 24 October 2026, 4:58 PM IST)
Shiva Murder Mystery

Shiva Murder Mystery: एक कारोबारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, घटना के बाद अचानक गायब हुई गर्लफ्रेंड और पुलिस की छापेमारी ….यह फिल्मी कहानी असल में लखनऊ की है. शिवा शर्मा नाम के एक व्यापारी ने लखनऊ के हजरतगंज इलाके में चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना के तुरंत बाद उसकी गर्लफ्रेंड क्षद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश गायब हो गए. 11 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया

शिवा की मां ने श्रद्धा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा ने सभी को बेबुनियाद बताया है. इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए पुलिसवालों पर भी गाज गिरी. आत्महत्या के समय शिवा के शरीर पर सिगरेट से जलने के निशान, सुसाइड का कारण, श्रद्धा के पास नेपाल भागने और महंगी लाइफस्टाइल के लिए लाखों रुपए…ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब पुलिस तलाश रही है. जानें इस सुसाइड मिस्ट्री में अब तक क्या-कुछ हुआ और यह मामला इतना चर्चित क्यों है.

सुसाइड या मर्डर?

9 अक्टूबर की रात को हजरतगंज इलाके में एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 28 वर्षीय रेस्टोरेंट मालिक शिवा की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि यह फ्लैट उनकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे का है, जो एक मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं. शिवा को तुरंत गंभीर हालत में पास के एक ट्रॉमा सेंटर/अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल में उसकी मौत की पुष्टि होते ही, फ्लैट में मौजूद श्रद्धा दुबे, अपनी बहन रश्मि और उनके ड्राइवर दानिश के साथ चुपचाप वहां से भाग गई. तीनों ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया ताकि पुलिस उन्हें ट्रैक न कर पाए. शिवा की मां रंजना शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश पर हत्या, मारपीट और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

ब्लैकमेलिंग और मारपीट के आरोप

शिवा की मां, रंजना शर्मा ने आरोप लगाया कि शिवा को लंबे समय से परेशान किया जा रहा था. शिकायत में आरोप लगाया कि अश्लील वीडियो का इस्तेमाल करके शिवा को ब्लैकमेल किया जा रहा था और उसके मारपीट की गई थी. इसके अलावा, परिवार का दावा है कि शिवा के शरीर पर चोट के निशान थे, जिसमें सिगरेट से जलाए जाने के निशान भी शामिल हैं. दूसरी ओर श्रद्धा दुबे ने दावा किया है कि शिवा कर्ज के कारण परेशान था और उसने उसके सामने ही आत्महत्या कर ली.

11 दिन तक पुलिस को दिया चकमा

शिव की मौत के बाद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनका ड्राइवर दानिश लखनऊ से भाग गए. तीनों ने अपने फोन से सिम निकाल दिया और इंटनेट कॉलिंग के जरिए लोगों से संपर्क किया. इसके बाद, पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उनकी तलाश शुरू कर दी. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला लखनऊ से बाहर तक फैल गया और आरोपियों को खोजने के लिए दूसरे शहरों में भी छापेमारी की गई. मिली जानकारी के अनुसार, भागने के दौरान पुलिस की नजर से बचने के लिए आरोपी बार-बार अपनी छिपने की जगह बदलते रहे. उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए थे, जिससे उनकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो गया. साथ ही अपनी पहचान उजागर होने से बचने के लिए वे छोटे और सस्ते होटलों में रुके.

लखनऊ से निकलने के बाद तीनों सीतापुर, कानपुर, आगरा और रायबरेली जैसे इलाकों से होते हुए नेपाल भाग गए. नेपाल में 5-6 दिन बिताने के बाद वे फिर से आगरा लौट गए. इसके बाद वे महाराष्ट्र के नागपुर चले गए. पुलिस से बचने के लिए श्रद्धा नेपाल से नागपुर तक बुर्के में ही रही. पुलिस ने नेपाल बॉर्डर के पास उसे सीसीटीवी फुटेज में देखा. पुलिस के लिए यह पता लगाना बहुत जरूरी है कि आरोपियों ने किन रास्तों का इस्तेमाल किया और इस दौरान किसने उनकी मदद की. तकनीकी इनपुट और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के जरिए जांचकर्ता उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में कामयाब रहे. बताया जा रहा है कि यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की टीमों ने कई दिनों तक अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की.

ऐसे पकड़ी गई श्रद्धा

तीनों के ऊपर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था. जब श्रद्धा लखनऊ नेपाल से आगरा होते हुए नागपुर पहुंची, तो स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उसकी लोकेशन पर नजर रख रही थी. नागपुर पुलिस और STF ने शहर भर के लगभग 250 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. इस दौरान, उन्हें एक संदिग्ध ई-रिक्शा दिखा, जिसमें बुर्का पहने एक महिला बैठी थी. ई-रिक्शा के रास्ते का पता लगाकर, पुलिस उस अपार्टमेंट तक पहुंच गई जहां संदिग्ध छिपे हुए थे. UP STF और नागपुर क्राइम ब्रांच की टीमों ने वर्धा रोड पर स्थित एक बहुमंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग को घेर लिया. पुलिस टीम 11वीं मंजिल के एक फ्लैट में दाखिल हुई, जहां श्रद्धा दुबे अपनी बहन और एक ड्राइवर के साथ छिपी हुई थी. वहां तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद, श्रद्धा और अन्य संदिग्धों को नागपुर की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया. उत्तर प्रदेश पुलिस को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिल गई, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच संदिग्धों को सड़क मार्ग से लखनऊ ले जाया गया.

कौन कर रहा था मदद?

शिवा हत्याकांड में पुलिस की जांच केवल इन तीन आरोपियों तक ही सीमित नहीं है. अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या फरार होने के दौरान किसी और ने भी संदिग्धों की मदद की थी. रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में श्रद्धा के एक पुराने परिचित आमिर शेख का नाम सामने आया है. आरोप है कि उसने उन्हें नकद पैसे दिए और गाड़ियों का इंतजाम करने में मदद की. हालांकि, इस बात की पुष्टि के लिए पुलिस को संबंधित वित्तीय लेन-देन, बातचीत, गाड़ियों के रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच करनी होगी. पुलिस ने तीनों के फोन और इलेक्ट्रॉनिक आइटम जब्त कर लिए हैं. अन्य जगहों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है. इन सबूतों से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना के बाद कौन-कौन आरोपी के संपर्क में था और उन्होंने अपना समय कहां बिताया.

‘सचिवालय’ लिखी सफेद ऑडी कार की मिस्ट्री?

इस मामले में एक सफेद ऑडी कार भी चर्चा का विषय बनी हुई है. मिली जानकारी के अनुसार, आरोप है कि घटना की रात अपार्टमेंट के पास एक ऑडी देखी गई थी, जिस पर ‘सचिवालय’ लिखा हुआ था. दूसरी ओर सोशल मीडिया पर श्रद्धा की लग्जरी लाइफस्टाइल से जुड़े फोटोज और वीडियोज वायरल हो रहे हैं. इन सब को देखते हुए सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. कुछ लोग इस गाड़ी को किसी प्रभावशाली राजनीतिक या प्रशासनिक हस्ती से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि, किसी गाड़ी पर ‘सचिवालय’ लिखा होने का मतलब यह नहीं है कि उसका किसी अधिकारी, राजनेता या सरकारी विभाग से कोई संबंध है. इसके अलावा, श्रद्धा दुबे के मुंबई अंडरवर्ल्ड या ‘Z’ गैंग से जुड़े होने की भी चर्चा है. हालांकि, ऐसे पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और ठोस सबूतों का इंतजार करना जरूरी है.

शिवा पर चोरी का आरोप लगाया

नागपुर में अपनी गिरफ्तारी के बाद, जब पुलिस श्रद्धा दुबे को कोर्ट और मेडिकल जांच के लिए ले जा रही थी, तो वह मीडिया के कैमरों के सामने काफी आक्रामक दिखी. श्रद्धा ने मीडिया के सामने दावा किया, “यह आत्महत्या थी. मैंने इसे अपनी आंखों से देखा है. वह इमारत की चौथी मंजिल से कूद गया था.” निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस, जो नेपाल बॉर्डर की सर्विलांस फुटेज चेक कर सकती है, वह उनकी अपनी इमारत की फुटेज क्यों नहीं निकाल रही है? उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर इमारत की CCTV फुटेज की जांच की जाए, तो मेरी बेगुनाही साफ साबित हो जाएगी, क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है.” शिव की मां द्वारा लगाए गए ब्लैकमेल और मारपीट के आरोपों पर श्रद्धा ने कहा, “उनकी माँ ने झूठे आरोप लगाए हैं क्योंकि वह मुझे पसंद नहीं करती थीं.” उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि उनकी मां इस रिश्ते के खिलाफ थी, क्योंकि वह शिव से एक-दो साल बड़ी थीं. इसके अलावा उसने दावा किया कि “शिवा बहुत कर्जे में था. उसने मेरे घर से 5-6 लाख के गहने भी चोरी किए थे.”

न्यायिक हिरासत में तीनों आरोपी

नागपुर से लखनऊ तक 72 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर लाए जाने के बाद उनसे लगभग छह घंटे की पूछताछ हुई. श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि और उनके ड्राइवर दानिश को 22 अक्टूबर 2026 को ACJM-7 कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर 2026 तक लखनऊ जिला जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि आगे की पूछताछ के लिए श्रद्धा को जेल से बाहर निकालकर अपनी कस्टडी में लेना जरूरी है. पुलिस अब क्राइम सीन को री-क्रिएट करने की योजना बना रही है. फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि शिव शर्मा की मौत से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों का है. तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सबकी नजर आगे आने वाली जानकारी पर रहेगी.

शिवा शर्मा हत्याकांड: पुलिस को मिली ट्रांजिट रिमांड, नागपुर से श्रद्धा दुबे को लेकर UP रवाना हुई STF

News Source: ANI

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