Home Latest News & Updates राजा भोज के योगदान को प्राथमिकता: भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल’

राजा भोज के योगदान को प्राथमिकता: भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल’

by Nitin Thakur 4 June 2026, 5:15 PM IST (Updated 4 June 2026, 5:16 PM IST)
4 June 2026, 5:15 PM IST (Updated 4 June 2026, 5:16 PM IST)
राजा भोज के योगदान को प्राथमिकता:भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा 'वाग्देवी भोजपाल'

Barkatullah University: मध्य प्रदेश में शहरों, जगहों व भवनों के नाम बदलने की फेहरिस्त में अब भोपाल में बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम भी शामिल होने वाला है. नाम बदलकर ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ करने का प्रस्ताव यूनिवर्सिटी की वर्किंग कमेटी में पास हो गया है. सालों पुरानी भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी, जिसे फ्रीडम फाइटर बरकतउल्ला भोपाली के नाम पर रखा गया था, अब ये नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल यूनिवर्सिटी होने वाला है. यूनिवर्सिटी वर्किंग कमेटी ने प्रस्ताव में जिक्र किया है कि राजा भोज का योगदान क्षेत्र के लिए बड़ा है, जबकि बरकतउल्ला भोपाली का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ सिर्फ भोपाल निवासी होना ही जुड़ाव है. इसी तर्क के आधार पर कार्य परिषद की बैठक में नाम बदलने का फैसला हुआ.

भोपाल यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर किया था बरकतुल्लाह

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव चर्चा में है. नया नाम ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ सुझाया गया है. प्रस्ताव में राजा भोज के योगदान गिनाए गए हैं. दावा है कि उन्होंने 80 ग्रंथ लिखे, जिनमें 27 आज भी उपलब्ध हैं. धार को ज्ञान का केंद्र बनाया और भोजशाला यानी सरस्वती मंदिर की स्थापना की, भोजताल और भोजपुर भी उनसे जुड़े हैं. प्रस्ताव में लिखा गया कि भोपाल में बरकतउल्ला के क्षेत्र के लिए योगदान नजर नहीं आते, बरकतउल्ला भोपाली गदर आंदोलन से जुड़े क्रांतिकारी थे. उन्होंने विदेश में रहकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ अभियान चलाया और आजादी की लड़ाई को वैश्विक समर्थन दिलाया. उन्हीं के सम्मान में भोपाल यूनिवर्सिटी का नाम बदला गया था. भोपाल विश्वविद्यालय का नाम 1988 में बदलकर बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय किया गया था. उस वक्त कांग्रेस पार्टी की सरकार थी. मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने नाम बदलने फैसला लिया था था.

कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना

कार्य परिषद के प्रस्ताव के बाद अब राजा भोज बनाम बरकतउल्ला की ये बहस सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही. विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रस्ताव आने के बाद अब इस पर नई बहस छिड़ गई है. कांगेस का कहना है कि ये नाम बदलने का इवेंट मैनेजमेंट है. ये सब कांग्रेस के जमाने के बने हुए है, मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है बीजेपी, डीजल पेट्रोल के दाम कम करो, किसानों का अनाज नहीं खरीद जाता है उसकी परवाह करो. नीट का पेपर लीक हो रहा है. घपले घोटाले हो रहे है. कहा कि कांग्रेस की सरकार आएगी तो हम सभी नाम बदल देंगे.

सरकार करेगी विचारः उच्च शिक्षा मंत्री

दरअसल परिषद से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के पास भेजा जाएगा जिसके बाद राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद सरकार राजपत्र में अधिसूचना जारी करेगी. हालांकि उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि कार्य परिषद की बैठक में फैसला लिया गया है. प्रस्ताव अभी सरकार के पास आया नहीं है. सरकार के पास प्रस्ताव आएगा तो इसके बाद अध्ययन किया जाएगा और फैसला लिया जाएगा. जहां तक बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के नाम बदलने की बात है तो उनका कहना है कि बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी एक ऑटोनॉमस बॉडी है. वहां की कार्य परिषद की बैठक में फैसला हुआ है. अब सरकार इस पर विचार करेगी और फैसला लेगी.

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