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बिहार शिक्षा विभाग का फरमानः बच्चे के भार से 10% से अधिक न हो स्कूल बैग का वजन, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

by Sanjay Kumar Srivastava
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बिहार शिक्षा विभाग का फरमानः बच्चे के भार से 10% से अधिक न हो स्कूल बैग का वजन, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

Bihar Education: बिहार शिक्षा विभाग ने सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्कूल बैग का कुल वजन बच्चे के शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक न हो. बैग के वजन की जांच के लिए स्कूल परिसर में तराजू लगाए जाएंगे.

Bihar Education: बिहार शिक्षा विभाग ने सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्कूल बैग का कुल वजन बच्चे के भार से 10 प्रतिशत से अधिक न हो. विभाग ने स्कूलों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि बैग के वजन की नियमित जांच के लिए परिसर में वजन मापने वाले तराजू लगाए जाएं. अधिकारियों ने कहा कि जो भी निजी स्कूल उल्लंघन करते हुए पाए जाएंगे, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

स्कूल में बैग के वजन की होगी निगरानी

रविवार को पीटीआई से बात करते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने कहा कि राज्य के सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी स्कूल बैग नीति, 2020 का पालन करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल बैग का वजन बच्चे के शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक न हो. इस कदम का उद्देश्य छात्रों पर शारीरिक बोझ को कम करना है. मंत्री ने कहा कि स्कूल में बैग के वजन की नियमित आधार पर निगरानी की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि संस्थानों को छात्रों को स्कूल में अनावश्यक सामग्री ले जाने से रोकने के लिए उपयुक्त समय सारिणी तैयार करनी चाहिए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद यह निर्णय लिया गया है.

निजी स्कूलों की मनमानी पर CM सख्त

एनडीए सरकार अभिभावकों और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य में शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनाने के लिए कदम उठा रही है. तिवारी ने कहा कि सीएम ने हाल ही में निजी स्कूलों को मनमानी और अनुचित फीस वृद्धि के खिलाफ चेतावनी दी थी और कहा था कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने कहा कि स्कूली छात्रों का अच्छा स्वास्थ्य और तनाव मुक्त दिमाग राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है. उन्होंने कहा कि इसलिए यह अनिवार्य बनाने की जरूरत है कि हर स्कूल, चाहे उसका प्रबंधन कुछ भी हो, हमारे बच्चों की बेहतरी के लिए स्कूल बैग नीति का कार्यान्वयन सुनिश्चित करे. स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा और कला शिक्षा ऐसे क्षेत्र हैं जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद करते हैं. इन्हें समय सारिणी में पर्याप्त स्थान देने की जरूरत है.

परिसर में लगेगी वजन मापने की मशीन

एनसीईआरटी दिशानिर्देशों के अनुसार, संस्थानों में परिसर में वजन मापने की मशीन चालू रखकर स्कूल बैग के वजन की जांच करना एक नियमित अभ्यास बनाया जाना चाहिए. दिशानिर्देशों के अनुसार, कक्षा 1-5 के लिए शिक्षकों को पूरी कक्षा के लिए चुने गए दिन पर हर तीन महीने में स्कूल बैग के वजन की जांच करने की जिम्मेदारी लेनी होगी. भारी बैग के बारे में जानकारी बच्चे के माता-पिता को दी जानी चाहिए. एक या दो सप्ताह तक बैग की निगरानी की जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चा हल्का बैग ले जाना शुरू कर दे.

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News Source: PTI

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