J&K News: आरएसएस नेता होसबले ने बीते दिनों पहले अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान से गतिरोध तोड़ने के लिए लोगों के बीच संपर्क करना जरूरी है. अब उनकी बात का महबूबा मुफ्ती ने समर्थन किया और कहा कि संविधान के दायरे में रहकर मुद्दे का हल करना होगा.
J&K News: पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को RSS नेता दत्तात्रेय होसबले के बयान का समर्थन किया. महबूबा ने पार्टी कार्यकर्ता के एक सम्मेलन में कहा कि कश्मीर की समस्या का हल बातचीत और संविधान के दायरे में रहकर किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि हमें जो कुछ भी हासिल करना है वह दिल्ली और जम्म-कश्मीर से ही हासिल करना होगा. हम सिर्फ प्रदेश में गरिमापूर्ण शांति चाहते हैं. बता दें कि हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में होसबले ने कहा था कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध तोड़ने के लिए लोगों के बीच संपर्क जरूरी है और बातचीत के लिए हमेशा एक रास्ता खुला रहना चाहिए.
भारत का भरोसा खो दिया
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के साथ बातचीत और लोगों के बीच आपसी संपर्क की जरूरत पर होसबले के बयान का स्वागत किया. साथ ही पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने भी उनके बयान का समर्थन किया था. आरएसएस नेता होसबले ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान की मिलिट्री और पॉलिटिकल लीडरशिप ने भारत का भरोसा खो दिया है. साथ ही अब सिविल सोसायटी को आगे आकर अगुवाई करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि हमारे बीच एक सांस्कृतिक रिश्ता है और हम एक ही राष्ट्र रहे हैं.
पाकिस्तान को सकारात्मक जवाब देना होगा
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि होसबले ने जो भी बात कही हैं, वह बातें पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद अपनी आखिरी सांस तक कहते रहते थे. साथ ही अब वक्त है कि कश्मीर की दूसरी तरफ वाली हमारी सड़क को खोल देना चाहिए. महबूबा ने यह भी कहा कि मैं यह कभी नहीं कहती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर के मुद्दे के समाधान के लिए कुछ भी नहीं किया है. उन्होंने साल 2016 में लाहौर का दौरा किया था, लेकिन तुरंत बाद ही पठानकोट हमला हो गया. साथ ही अब भारत की किसी भी प्रतिक्रिया का पाकिस्तान को सकारात्मक को जवाब देना होगा.
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बातचीत से होना चाहिए हर मुद्दे का हल
महबूबा ने यह भी कहा कि अब दिल्ली को कश्मीरियों की बात को सुनना होगा. एक समय था जब मुफ्ती सईद कहा करते थे कि अगर हम सोने की सड़कें और चांदी का पुल भी बना लें, तब भी उसका कोई फायदा नहीं होगा जब तक कश्मीर का हल न निकल जाए. विकास एक चीज है और बातचीत के माध्यम से कोई भी रास्ता निकालना बड़े नेता की पहचान है. उन्होंने बताया कि कश्मीर का समाधान बातचीत के माध्यम से ही निकलेगा. इस महीने के आखिर में आने वाली ईद से पहले राजनीतिक बंदियों को रिहा करने क अपील करते हुए पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि कैदियों को रिहा करना विश्वास की तरफ पहला कदम है. साथ ही कश्मीर के लोगों तक सुलह और मरहम का एक मजबूत संदेश पहुंचेगा.
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