Twisha Suicide Case: भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में हुई रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद गरमा गया है. इंसाफ की गुहार लेकर ट्विशा का पूरा परिवार रविवार को मुख्यमंत्री निवास यानी सीएम हाउस पहुंच गया है. दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से ही ट्विशा के परिजन मोहन यादव से मुलाकात की मांग पर अड़े हुए हैं.
Twisha Suicide Case: भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में हुई रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद गरमा गया है. इंसाफ की गुहार लेकर ट्विशा का पूरा परिवार रविवार को मुख्यमंत्री निवास यानी सीएम हाउस पहुंच गया है. दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से ही ट्विशा के परिजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से वन टू वन मुलाकात की मांग पर अड़े हुए हैं. इस वक्त सीएम हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है. वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय के भीतर ट्विशा के पिता और भाई की अधिकारियों के साथ बेहद अहम बातचीत चल रही है.
धरने पर बैठा परिवार
बता दें भोपाल के सीएम हाउस के बाहर इस वक्त तनाव और भारी भावुकता का माहौल है. रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू और एडवोकेट समर्थ सिंह की पत्नी ट्विशा की मौत को लेकर मायके पक्ष का गुस्सा सातवें आसमान पर है. सीएम हाउस के ठीक बाहर ट्विशा की मां रेखा शर्मा, भाभी राशि शर्मा, मामा-मामी और उनके दोस्त धरने पर बैठ गए हैं. वहीं ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके भाई, जो कि भारतीय सेना में मेजर हैं, हर्षित शर्मा मुख्यमंत्री सचिवालय के अंदर मौजूद हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं. परिजनों ने साफ कर दिया है कि वे केवल आश्वासन लेकर यहां से नहीं हटेंगे.
भोपाल एम्स की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं
परिवार का कहना है कि दिल्ली एम्स में हो दोबारा पोस्टमॉर्टम हो. परिजनों का आरोप है कि भोपाल एम्स में ट्विशा के ससुराल पक्ष के कुछ सदस्य पोस्टेड हैं, जिसके कारण उन्हें यहां की जांच और शॉर्ट पीएम रिपोर्ट पर बिल्कुल भरोसा नहीं है.शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भले ही मौत की वजह हैंगिंग यानी फांसी बताई गई है, लेकिन परिजनों का दावा है कि ट्विशा के शरीर पर कई जगह चोट के नीले निशान हैं, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं. ससुराल पक्ष ने अंतिम संस्कार के लिए शव की मांग की थी, लेकिन मायके वालों ने साफ मना कर दिया है. घटना के 5 दिन बीतने के बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है.
साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ का आरोप
बता दें कि यह पूरी घटना 12 मई की रात की है, जब बाग मुगालिया एक्सटेंशन निवासी ट्विशा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली थी. मायके पक्ष का आरोप है कि रसूख के दम पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है और मामले को दबाने की कोशिश हो रही है. सीएम हाउस के बाहर किसी भी अप्रिय स्थिति या हंगामे को रोकने के लिए श्यामला हिल्स थाने के टीआई और भारी पुलिस स्टाफ मौके पर मुस्तैद है और लगातार परिवार को समझाने की कोशिश कर रहा है. एक तरफ रिटायर्ड जज का परिवार है और दूसरी तरफ भारतीय सेना के मेजर का. मामला सीधे तौर पर बेहद हाई प्रोफाइल हो चुका है. अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री सचिवालय में चल रही इस बातचीत के बाद प्रशासन क्या रास्ता निकालता है और क्या ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स में कराया जाएगा.
ये भी पढ़ेंः मध्य प्रदेश के देवास में बारूद के ढेर पर धमाका, 3 मजदूरों की मौत, 25 घायल, CM ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
