Home राज्यMadhya Pradesh भोजशाला में ASI के नए दिशा-निर्देश लागू, सूर्योदय के साथ शुरू हुआ अनुष्ठान; फहराया भगवा ध्वज

भोजशाला में ASI के नए दिशा-निर्देश लागू, सूर्योदय के साथ शुरू हुआ अनुष्ठान; फहराया भगवा ध्वज

by Nitin Thakur
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New ASI Guidelines Implemented at Bhojshala

Bhojshala ASI : आज सुबह से भारी संख्या में श्रद्धालु हाथों में मां वाग्देवी का चित्र लेकर भोजशाला पहुंचने लगे थे. उत्सव समिति के सदस्यों ने सबसे पहले पूरे भोजशाला परिसर को गंगाजल और गोमूत्र छिड़ककर पवित्र किया.

Bhojshala ASI : धार की ऐतिहासिक और पुरातन धरोहर भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन लागू होने के बाद रविवार को एक नया अध्याय शुरू हो गया. नई व्यवस्थाओं के तहत रविवार को भोजशाला परिसर में पूरे विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ पूजा-अर्चना की गई. भोज उत्सव समिति और हिंदू समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सूर्योदय के साथ ही यहां पहुंचकर मां वाग्देवी (सरस्वती जी) की आराधना शुरू की. सुबह से शुरू हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान दोपहर 11.45 बजे महाआरती के साथ संपन्न हुआ. इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय नेतृत्व भी मौजूद रहा.

रविवार को पहुंचने लगे थे श्रद्धालु

रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथों में मां वाग्देवी का चित्र लेकर भोजशाला पहुंचने लगे थे. उत्सव समिति के सदस्यों ने सबसे पहले पूरे भोजशाला परिसर को गंगाजल और गोमूत्र छिड़ककर पवित्र किया. इसके बाद महिलाओं ने परिसर को गोबर से लीपा और गर्भगृह को खूबसूरत रंगोली से सजाया. परिसर के बाहर स्थित ज्योति मंदिर की अखंड ज्योत को पूरे आदर के साथ भोजशाला के गर्भगृह में स्थापित किया गया. इसके बाद सूर्योदय की पहली किरण के साथ ही पूरा परिसर वेदमंत्रों, देवी अनुष्ठानों और वास्तु पूजन की ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा. इस दौरान धार कलेक्टर और एसपी भी पूजा-अर्चना में शामिल हुए.

सीढ़ियों के गेट पर फहराया भगवा ध्वज

भोजशाला में दोपहर की महाआरती संपन्न होने के बाद मुख्य आकर्षण ध्वजारोहण का रहा. कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुईं केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भगवा ध्वज फहराने के लिए भोजशाला के गुंबद और छतद्ध की ओर बढ़ीं. हालांकि, गुंबद के चारों ओर सुरक्षा के लिहाज से कांटेदार तार लगे होने के कारण ऊपर जाना संभव नहीं था. ऐसे में केंद्रीय मंत्री ने सूझबूझ दिखाते हुए छत की ओर जाने वाली सीढियों के ऊपर बने मुख्य दरवाजे पर ही ध्वज का पूजन किया और वहीं पर ध्वजारोहण किया.

ध्वज लगाना होता है महत्वपूर्ण

केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाना बेहद महत्वपूर्ण होता है. सुरक्षा कारणों से कटीले तार होने की वजह से हम ऊपर नहीं जा सके, इसलिए हमने गेट पर ही पूरी श्रद्धा के साथ ध्वज फहराया है. बता दें कि इससे पहले शनिवार शाम को भी केंद्रीय मंत्री, कलेक्टर और एसपी ने भोजशाला पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था और पूजा की थी.

पुराने वैभव के साथ संवरेगी भोजशाला: CM

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले अमूमन शुक्रवार के दिनों में यहां सुरक्षा और तनाव की स्थिति बनी रहती थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं. नई गाइडलाइन के बाद श्रद्धालु बिना किसी डर और परेशानी के कभी भी आकर मां वाग्देवी के दर्शन और पूजा कर सकते हैं. वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी बड़ा बयान सामने आया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि धार की ऐतिहासिक भोजशाला को उसके पुराने गौरव और वैभव के साथ दोबारा संवारा जाएगा. सरकार इसे एक बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना बना रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु यहां आकर सुगमता से मां वाग्देवी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें.

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