ASWC 2026: एशियन सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन गुजरात में किया जा रहा है. इस चैंपियनशिप में चीन 21 गोल्ड, 12 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज जीतकर पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि इस लिस्ट में भारत 11वें पायदान पर है.
ASWC 2026: गुजरात की राजधानी गांधीनगर में आयोजित 2026 एशियन सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में एशियाई देशों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. प्रतियोगिता के छठे दिन जारी पदक तालिका में चीन ने अपना दबदबा कायम रखते हुए पहला स्थान हासिल किया है. साथ ही भारतीय टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. भारत इस समय पदक तालिका में 11वें स्थान पर है.
भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक कुल 10 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 1 सिल्वर मेडल और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. हालांकि, भारत को अभी तक गोल्ड मेडल नहीं मिल पाया है, लेकिन खिलाड़ियों ने कई मुकाबलों में कड़ी टक्कर देकर भविष्य के लिए मजबूत संकेत दिए हैं. भारतीय वेटलिफ्टर्स ने खासकर स्नैच और क्लीन एंड जर्क स्पर्धाओं में स्थिर प्रदर्शन दिखाया. युवा खिलाड़ियों की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता अनुभव आने वाले वर्षों में भारत को पदक तालिका में ऊंचे स्थान तक पहुंचा सकता है.
पदक तालिका में कौन आगे?
- चीन 21 गोल्ड, 12 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज के साथ कुल 41 पदकों के साथ पहले स्थान पर है.
- नॉर्थ कोरिया 18 गोल्ड के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है.
- चीनी ताइपे तीसरे स्थान पर है.
- मध्य एशिया और पूर्वी एशिया के देशों का इस प्रतियोगिता में पारंपरिक दबदबा एक बार फिर देखने को मिला.
भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत
भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि कई युवा खिलाड़ियों ने पहली बार एशियन स्तर पर पदक जीते. कोचिंग स्टाफ के अनुसार, भारतीय टीम का फोकस अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर रहेगा. भारत में वेटलिफ्टिंग तेजी से विकसित हो रही है और राज्य स्तर पर तैयार हो रहे नए खिलाड़ी आने वाले समय में गोल्ड मेडल की उम्मीद बढ़ा सकते हैं. इस चैंपियनशिप में कुल 15 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है और अब तक कुल 144 पदक वितरित किए जा चुके हैं.
चीन और नॉर्थ कोरिया के खिलाड़ियों ने पेश की चुनौती
एशियाई वेटलिफ्टिंग का स्तर लगातार ऊंचा होता जा रहा है, जहां हर वेट कैटेगरी में रिकॉर्ड स्तर की प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है. विशेष रूप से चीन और नॉर्थ कोरिया के खिलाड़ियों ने तकनीक, ताकत और निरंतरता के दम पर बाकी देशों के लिए चुनौती पेश की है. चैंपियनशिप के अगले दिनों में भारत की नजरें गोल्ड मेडल पर टिकी होंगी. भारतीय खिलाड़ी अंतिम स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन कर पदक तालिका में अपनी रैंकिंग सुधारने की कोशिश करेंगे. गांधीनगर में आयोजित यह प्रतियोगिता भारत के लिए केवल पदक जीतने का मंच नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का बड़ा अवसर भी साबित हो रही है.
यह भी पढ़ें- अजीत नारायण का एशियाई सीनियर वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कमाल, जीता दो कांस्य पदक
