CBSE: अपने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर विवाद के बीच CBSE ने गुरुवार को कहा कि यह एक सुरक्षित और मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म है. मूल्यांकन की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है. CBSE की उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल स्कैनिंग प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है. बोर्ड के अनुसार, इस मजबूत बुनियादी ढांचे का पैनलबद्ध सुरक्षा ऑडिट के जरिए परीक्षण और प्रमाणन किया गया है. डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसमें कई स्तरों पर गुणवत्ता जांच और कड़े सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं.
उचित प्रक्रिया के तहत दिया गया था अनुबंध
बोर्ड ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित हैं. CBSE का यह बयान एक फर्म को कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन से संबंधित अनुबंध दिए जाने और उसके ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) के कथित समझौते के बारे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों पर विवाद के बीच आया है. सीबीएसई ने बुधवार को कोएम्प्ट एडुटेक को ठेका दिए जाने के संबंध में आरोपों को खारिज कर दिया था और कहा था कि दावे गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं. इसमें कहा गया है कि सामान्य वित्तीय नियमों के तहत उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद अनुबंध दिया गया था.
बोर्ड की प्रतिक्रिया तब आई जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पूरे घोटाले के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच के साथ-साथ एक विशेष जांच दल (एसआईटी) की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना में पहले से एक संदिग्ध कंपनी को बोर्ड द्वारा अनुबंध सौंपा गया था. गांधी ने कहा था कि सीबीएसई के छात्र और उनके माता-पिता सदमे में हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कहने के लिए कुछ नहीं है. अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाले गए एक वीडियो में गांधी ने कहा कि 12वीं कक्षा की सीबीएसई परीक्षा के बारे में अविश्वसनीय विवरण सामने आ रहे हैं.
कंपनी पहले भी तेलंगाना में कर चुकी है घोटालाः राहुल
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि सीओईएमपीटी (COEMPT) वह कंपनी है, जिसने छात्रों की परीक्षा के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) की थी. वास्तव में यह कंपनी पहले ग्लोबरेना कहलाती थी. ग्लोबरेना ने पहले भी दो बार तेलंगाना में इस घोटाले को अंजाम दिया था. एक बार 2019 में तेलंगाना की बोर्ड परीक्षा में और इसके बाद 2023 में . यही ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) आधारित त्रुटियां तेलंगाना में 23 युवाओं की आत्महत्या से मौत के लिए जिम्मेदार थी. 12वीं कक्षा के कई छात्रों ने बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियों और उनकी लिखावट में स्कोरिंग विसंगतियों और बेमेल होने का आरोप लगाया है, जिससे ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM प्रणाली पर संदेह पैदा हो गया है.
News Source: PTI
